भारत व नेपाल को जोड़ने वाला पृथ्वी राजमार्ग 20 मीटर धंसा, काठमांडू में ईंधन आपूर्ति पर संकट
Nepal Fuel Supply Crisis: भारत-नेपाल को जोड़ने वाला पृथ्वी राजमार्ग धाडिंग जिले में 20 मीटर धंस गया है, जिससे काठमांडू ...और पढ़ें

भारत से वीरगंज के रास्ते नेपाल की राजधानी काठमांडू को कनेक्ट करनेवाले पृथ्वी राजमार्ग पर कृष्णाघीर के पास टूटी सड़क। सौजन्य-ग्रामीण
HighLights
पृथ्वी राजमार्ग धाडिंग जिले में 20 मीटर तक धंसा।
काठमांडू में ईंधन आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ी।
नेपाल सरकार ने वैकल्पिक आपूर्ति का आश्वासन दिया।
संजय कुमार उपाध्याय, काठमांडू (नेपाल)। Prithvi Highway Nepal: नेपाल तिब्बत सीमा पर 26 अगस्त को ग्लेशियर फटने के बाद बनी जल प्रलय की स्थिति से भारी तबाही मची हुई है।
भारत से नेपाल को वाया वीरगंज, हेटौडा, नारायणघाट और मुगलिंग के रास्ते काठमांडू से जोड़ने वाला पृथ्वी राजमार्ग धाडिंग जिले के कृष्णा घीर के पास करीब बीस मीटर तक ध्वस्त हो गया है।
सड़क का यह हिस्सा मुगलिंग और काठमांडू के बीच स्थित है जहां रविवार सुबह नदियों के बढ़ते जलस्तर और कटाव के कारण मुख्य मार्ग अचानक टूट गया।
राजमार्ग पर आवागमन बंद
सड़क धंसने के चलते इस व्यस्ततम अंतरराष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह से रोक दिया गया है। नेपाल सरकार के विभिन्न मंत्रालयों की संयुक्त टीम ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया।
इस मार्ग के अवरुद्ध होने से भारत से नेपाल आने वाले रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल और अन्य आवश्यक उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
ईंधन के वैकल्पिक उपाय
नेपाल सरकार की उद्योग वाणिज्य व आपूर्ति मंत्री ने स्पष्ट किया है कि आपदा से निपटने के लिए सतत प्रयास किए जा रहे हैं और देश में ईंधन की कमी नहीं होने दी जाएगी।
कृष्णा घीर से पहले स्थित गैस बॉटलिंग प्लांट में बुलेट टैंकरों से गैस उतारकर सिलेंडरों के जरिए काठमांडू भेजा जाएगा। पेट्रोल और डीजल के टैंकरों को राजधानी काठमांडू तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग किया जाएगा और अधिकारियों को इसके लिए आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं।

देश में प्राकृतिक आपदा की स्थिति है। भारत से नेपाल को कनेक्ट करनेवाले पृथ्वी राजमार्ग में धादिंग जिले के कृष्णाभीर के पास करीब बीस मीटर सड़क क्षतिग्रस्त हुई है। सरकार का पूरा ध्यान नेपाल की जनता की सुविधाओं पर है। इस मार्ग से भारत से नेपाल में रसोई गैस व पेट्रो उत्पाद के टैंकर लाए जाते हैं। सड़क क्षतिग्रस्त होने की वजह से वैकल्पिक इंतजाम किए जा रहे हैं। तराई क्षेत्र के जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर उन क्षेत्रों के गैस बाटलिंग प्लांट में बुलेट से गैस लिया जाएगा। वहां से सिलेंडेर में रसोई गैस लाया जाएगा। इसी तरह पेट्रो उत्पाद के लिए भी वैकल्पिक मार्गों का सहारा लिया जा रहा है।
गौरी कुमारी, मंत्री, उद्योग वाणिज्य व आपूर्ति विभाग, नेपाल सरकार
