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हॉक विमानों की गर्जना से गूंजा मोतिहारी का आसमान, 25 को नौ विमान भरेंगे रोमांचक उड़ान

By Satyendra KumarEdited By: Dharmendra Singh
Published: Wed, 23 Sep 2026 03:59 PM (IST)

मोतिहारी के आसमान में हॉक विमानों ने सूर्यकिरण एरोबैटिक शो का पूर्वाभ्यास किया, जिससे लोगों में उत्साह भर गया। 25 ...और पढ़ें

HighLights

  1. मोतिहारी में हॉक विमानों ने सूर्यकिरण शो का पूर्वाभ्यास किया।

  2. 25 सितंबर को नौ हॉक विमान रोमांचक हवाई करतब दिखाएंगे।

  3. यह शो युवाओं को वायु सेना की उत्कृष्टता से परिचित कराएगा।

जागरण संवाददाता, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। मोतिहारी के आसमान में बुधवार को अचानक हॉक विमानों की गर्जना सुनाई दी तो लोगों की नजरें आसमान की ओर टिक गईं।

करीब दो घंटे तक भारतीय वायु सेना के हॉक एमके-132 विमानों ने आसमान में उड़ान भरकर लोगों को रोमांचित किया।

पहले एक, फिर दो और बाद में पांच विमान एक साथ कम ऊंचाई पर और एक-दूसरे के बेहद करीब उड़ते नजर आए। आसमान में विमानों की तेज गति और सटीक फॉर्मेशन ने लोगों में कौतूहल पैदा कर दिया। बाद में पता चला कि यह 25 सितंबर को होने वाले सूर्यकिरण एरोबैटिक शो का पूर्वाभ्यास था।

25 सितंबर को होने वाले मुख्य प्रदर्शन में सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के नौ हॉक एमके-132 विमान आसमान में रोमांचक करतब दिखाएंगे।

विमानों से निकलने वाली केसरिया, सफेद और हरे रंग की धुआं-धाराएं आसमान में तिरंगे की छटा बिखेरेंगी। लूप, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और चर्चित डीएनए मैन्युवर के दौरान पायलटों का सटीक समन्वय देखने को मिलेगा।

पांच मीटर से भी कम होगी विमानों के बीच दूरी

सूर्यकिरण के जटिल मैन्युवर में कई बार विमानों के बीच की दूरी पांच मीटर से भी कम रह जाती है। इतनी कम दूरी पर तेज गति से उड़ान भरते हुए फॉर्मेशन बनाए रखना पायलटों के प्रशिक्षण, अनुशासन, कौशल और आपसी विश्वास का परिचायक है।

2026 के प्रशिक्षण सत्र के बाद नई टीम संरचना के साथ सूर्यकिरण मोतिहारी पहुंची है। इस बार टीम में पांच नए सदस्य शामिल किए गए हैं। टीम का नेतृत्व एसयू-30 एमकेआई पायलट ग्रुप कैप्टन अजय दसरथी कर रहे हैं।

1996 में बनी टीम, 800 से अधिक प्रदर्शन

वर्ष 1996 में गठित सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम भारत में 800 से अधिक हवाई प्रदर्शन कर चुकी है। चीन, श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड, सिंगापुर और यूएई समेत कई देशों में आयोजित एयर शो में टीम भारतीय वायु सेना का प्रतिनिधित्व कर चुकी है।

हॉक विमानों में स्वदेशी रंगीन स्मोक पॉड लगाए गए हैं, जिनसे प्रदर्शन के दौरान आसमान में तिरंगे के रंग उभरते हैं।

बिहार से भी जुड़ा है सूर्यकिरण का तार

मोतिहारी में होने वाले प्रदर्शन की खास कड़ी यह भी है कि सूर्यकिरण टीम के मेडिकल ऑफिसर फ्लाइट लेफ्टिनेंट आदर्श चौधरी बिहार के निवासी हैं।

25 सितंबर को नौ हॉक विमानों का एक साथ आसमान में उतरना सिर्फ रोमांच का दृश्य नहीं होगा, बल्कि युवाओं को भारतीय वायु सेना की सटीकता, अनुशासन, टीमवर्क और पेशेवर उत्कृष्टता को करीब से देखने का अवसर भी देगा। बुधवार के पूर्वाभ्यास ने साफ कर दिया है कि 25 सितंबर को मोतिहारी की नजरें आसमान पर होंगी।