मोतिहारी में शराब तस्करों से सांठगांठ पड़ी भारी, पहाड़पुर थानाध्यक्ष निलंबित
मोतिहारी के पहाड़पुर थानाध्यक्ष अजय कुमार को शराब तस्करों से सांठगांठ और कर्तव्य में घोर लापरवाही के आरोप में निलंबित ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
पहाड़पुर थानाध्यक्ष अजय कुमार निलंबित किए गए।
शराब तस्करों और संदिग्धों को थाने से छोड़ा।
वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना नहीं दी गई।
संवाद सहयोगी, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। बिहार पुलिस की साख पर बट्टा लगाने वाले व शराब तस्करों से सांठगांठ रखने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ पूर्वी चंपारण पुलिस ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।
कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और संदिग्ध आचरण के गंभीर आरोपों में पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने पहाड़पुर के थानाध्यक्ष अजय कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
घटना दो से तीन सितंबर की रात के बीच का है। बताया गया है कि पहाड़पुर पुलिस ने कुछ संदिग्ध व्यक्तियों और गाड़ियों को हिरासत में लिया था। आरोप है कि थानाध्यक्ष अजय कुमार ने इस बड़ी कार्रवाई की सूचना अपने वरीय अधिकारियों को नहीं दी। कानून को ताक पर रखकर, बिना किसी उचित सत्यापन व कथित तौर पर मोटी रकम लेकर सभी को चुपके से छोड़ दिया।
मामले की जांच थाना के पर्यवेक्षी पदाधिकारी ने की है तो सारी बात सामने आई है। बताया गया है कि हिरासत में लिए गए लोगों में तीन मामलों में फरार शराब तस्कर भी था। छोड़े गए लोगों में छोटन यादव नामक एक अपराधी भी शामिल था। उसका पुराना आपराधिक इतिहास रहा है।
पहाड़पुर थाने में ही उसके खिलाफ शराब तस्करी उत्पाद अधिनियम के तीन गंभीर मामले दर्ज हैं। इतने बड़े अपराधी को बिना किसी जांच के छोड़ देना पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
साक्ष्य मिटाने के लिए स्टेशन डायरी भी खाली रखी गई। थानाध्यक्ष ने थाने की स्टेशन डायरी में भी गाड़ियों और तस्करों को पकड़े जाने या छोड़ने का कोई जिक्र नहीं किया। पर्यवेक्षी पदाधिकारी की जांच रिपोर्ट में थानाध्यक्ष अजय कुमार पूरी तरह दोषी पाए गए।
इसके बाद उनसे स्पष्टीकरण पूछा गया था। थानाध्यक्ष द्वारा कोई संतोषजनक जवाब नहीं देने पर, एसपी ने प्रशासनिक नियंत्रण और अनुशासन के तहत सख्त कार्रवाई की है।
