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मोतिहारी में PM आवास की राशि मिली, घर बनाना भूले 438 लाभुक, अब आवंटन रद करने की तैयारी

Published: Sun, 16 Aug 2026 04:20 PM (GMT+05:30)

मोतिहारी में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के 438 लाभार्थियों ने पहली किस्त मिलने के बाद भी निर्माण शुरू नहीं किया ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. मोतिहारी में 438 पीएम आवास लाभार्थियों ने निर्माण नहीं किया शुरू।

  2. नगर निगम ने तीन दिन में काम शुरू करने का दिया अल्टीमेटम।

  3. आवंटन रद्द कर राशि वसूली के लिए होगी कानूनी कार्रवाई।

संवाद सहयोगी, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत घर बनाने के लिए पहली किश्त की राशि लेने के बाद भी निर्माण शुरू नहीं करना 438 लाभुकों को भारी पड़ सकता है।

नगर निगम प्रशासन ने ऐसे लाभुकों को अंतिम चेतावनी देते हुए तीन दिनों के भीतर निर्माण कार्य शुरू करने का अल्टीमेटम दिया है। तय अवधि में काम शुरू नहीं करने पर आवास का आवंटन रद करने के साथ राशि की वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

1,958 आवास स्वीकृत

नगर निगम क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत कुल 1,958 आवास स्वीकृत किए गए हैं। सभी लाभुकों को कार्यादेश जारी कर पहली किश्त की राशि आरटीजीएस के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी गई थी।

निगम प्रशासन के अनुसार 1,520 लाभुकों ने राशि मिलने के बाद आवास निर्माण शुरू करा दिया है। इन लाभुकों ने निर्माण कार्य की जियो-टैग तस्वीर भी निगम कार्यालय को उपलब्ध करा दी है।

438 लाभुकों ने नहीं शुरू किया काम

विभागीय समीक्षा और जांच के दौरान सामने आया कि 438 लाभुक ऐसे हैं, जिन्होंने पहली किश्त की राशि प्राप्त करने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया है। निगम प्रशासन ने सभी लाभुकों को चिह्नित कर नोटिस जारी किया है।

तीन दिन में काम शुरू करने का निर्देश

नोटिस में लाभुकों को पत्र प्राप्ति के तीन दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से भवन निर्माण शुरू कराने और निर्माण की जियो-टैग तस्वीर निगम कार्यालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।

आवंटन रद कर होगी राशि की वसूली

नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा में निर्माण शुरू नहीं करने वाले लाभुकों का आवास आवंटन तत्काल प्रभाव से रद कर दिया जाएगा। साथ ही दी गई राशि की वसूली के लिए नीलाम-पत्र वाद (सर्टिफिकेट केस) दायर कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निगम की इस सख्ती से लाभुकों में हड़कंप है।