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पूर्वी चंपारण : घर से थाने तक और फिर आईसीयू, कोटवा थाने की हाजत में पिटाई के बाद 40 वर्षीय व्यक्ति की मौत का आरोप

Published: Sun, 04 Oct 2026 11:07 PM (IST)

कोटवा थाना क्षेत्र में पुलिस हिरासत में लिए गए एक युवक की मौत के बाद पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर ...और पढ़ें

घटना के बाद जुटी स्थानीय लोगों की भीड़।

घटना के बाद जुटी स्थानीय लोगों की भीड़।

HighLights

  1. कोटवा थाने में हिरासत में लिए गए युवक की मौत।

  2. परिजनों का आरोप, पुलिस पिटाई से हुई युवक की मौत।

  3. परिवार ने न्याय और जवाबदेही की मांग की, पोस्टमार्टम से इनकार।

संवाद सहयोगी, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। कोटवा थाना क्षेत्र में हिरासत में लिए गए एक युवक की मौत के बाद पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

परिजनों का आरोप है कि शराब पीने के आरोप में घर से पकड़े गए युवक की थाने की हाजत में बेरहमी से पिटाई की गई। हालत बिगड़ने पर उसे सदर अस्पताल भेजा गया, जहां आईसीयू में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मृतक की पहचान कोटवा थाना क्षेत्र के बड़हरवा कला, पूर्वी वार्ड संख्या-5 निवासी सुदीश राम के रूप में बताई गई है। वह स्वर्गीय मिट्ठू राम का पुत्र था।

परिवार वालों के मुताबिक, 29 सितंबर को शाम करीब चार बजे कोटवा थाने की पुलिस उसे घर से शराब पीने के आरोप में पकड़कर ले गई थी। परिवार का आरोप है कि थाने की हाजत में उसके साथ मारपीट की गई।

अगले दिन, 30 तारीख की सुबह जब स्वजन उससे मिलने थाने पहुंचे तो थाना प्रभारी की ओर से 50 हजार रुपये की मांग किए जाने का आरोप लगाया गया। स्वजनों का कहना है कि रुपये नहीं देने के बाद उन्हें रात करीब दस बजे थाने से फोन आया कि सदर अस्पताल जाकर सुदीश से मिल लें।

स्वजन जब सदर अस्पताल पहुंचे तो वह बुरी तरह घायल अवस्था में मिल। थाने में मारपीट की बात कही। परिजनों के मुताबित तब उसकी हालत गंभीर थी और उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

सुदीश की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उसके परिवार में चार बेटे और दो बेटियां हैं। इनमें एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि बाकी बच्चे अभी छोटे हैं। परिवार के सामने अब बच्चों के भरण-पोषण का संकट भी खड़ा हो गया है। घटना के बाद स्वजन शव का पोस्टमार्टम कराने को लेकर तैयार नहीं हैं। वे पूरे मामले में जवाबदेही तय करने और न्याय की मांग कर रहे हैं।