मोतिहारी [जेएनएन]। मोतिहारी जिला पूरी तरह बाढ़ की चपेट में है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति बहुत ही भयावह है। बाढ़ की चपेट में आने से जिले का नब्बे प्रतिशत हिस्सा प्रभावित हो गया है। शहरी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में बाढ़ के पानी में कई घर डूब गए हैं।

आज दोपहर बाद एक सड़क देखते ही देखते नदी में समा गई। लगभग सभी इलाकों में नदियां तांडव मचा रही हैं। संग्रामपुर का पुछरिया गांव बाढ़ के पानी में घिरा हुआ है। डेढ़ किमी की दूरी में बाढ़ का पानी फैल गया है। वहीं मोतिहारी-पकड़ीदयाल पथ मधुबनी घाट भी ध्वस्त हो गया है। 

 

नगर परिषद् क्षेत्र के सभी वार्ड बाढ़ के चपेट में आ गये हैं। जबकि शहरी क्षेत्र में बाढ़ के पानी में डूबने से आज तीन लोगों के मौत की सूचना है। शहर में राहत बचाव कार्य के लिए सेना ने मोर्चा संभाल लिया है। सेना बाढ़ पीड़ितों को पानी से निकालने के साथ ही राहत सामग्री की पूरी मदद कर रही है। एनडीआरएफ की टीम पीड़ितों की हर संभव मदद कर रही है।

 

शहर के अमर छतौनी, नकछेदटोला, खोदानगर, हनुमान गढ़ी, मठियाडीह कोल्हुअरवा, कुंआरीदेवी चौक, मिशन चौक समेत पूरा शहर बाढ़ के चपेट में है वहीं शहर के निचले इलाकों में बसे लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।

 

जिलाधिकारी ने विभीषिका पर कहा कि सेना की दो टुकड़ियों को बचाव कार्य में तैनात किया गया है, जबकि एनडीआरएफ की पांच टीमें राहत और बचाव कार्य में लगी हुई हैं। जिले के 15 प्रखंड पूर्णतः बाढ़ की चपेट में हैं और 136 पंचायत जलमग्न हो गई हैं। 

 

यह भी पढ़ेंः बिहार में बाढ़ की विभीषिका: 16 जिलों में फैला पानी, अब तक 230 की मौत

 

13 लाख लोग प्रभावित

जिलाधिकारी ने बताया कि करीब 13 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित परिवारों को लिए राहत के रुप में सूखा राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। अबतक 18 हजार परवारों के बीच सूखा राशन उपलब्ध कराया गया है और गुरूवार से पीडित परिवारों के बीच भोजन में जिला प्रशासन द्वारा चावल दाल दिया जा रहा है।

 

जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ के कारण नदियों के तटबंध नौ स्थानों पर टूटे हैं और उनको सुरक्षित रखने के लिए काम किया जा रहा है। जिले की 136 पंचायतों में सड़कें और पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बाढ़ का पानी नए इलाकों में बढ़ने का क्रम जारी है जिससे जिला मुख्यालय भी इसकी चपेट में आ गया है।

 

जिला मुख्यालय से सटे बंजरिया, रघुनाथपुर, जीवधारा क्षेत्र भी बाढ़ के पानी में डूब गया है। वहीं बंजरिया प्रखंड की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है जहां एनडीआरएफ राहत कार्य चला रही है। वहीं जिलाधिकारी राहत टीम के साथ सभी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण कर रहे हैं और रेस्क्यू ऑपरेशन में सहयोग कर रहे हैं।

 

Posted By: Kajal Kumari

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप