बिहार सरकार ने 100 रुपये में आसान किया पारिवारिक बंटवारा, रक्सौल में सिर्फ 40 परिवारों ने उठाया लाभ
बिहार सरकार की 100 रुपये में पारिवारिक संपत्ति बंटवारे की योजना रक्सौल में सुस्त रफ्तार से चल रही है, जिससे आम लोग इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।

बिहार के रक्सौल के अवर निबंधन पदाधिकारी आशीष कुमार अग्रवाल।
HighLights
बिहार में 100 रुपये में पारिवारिक बंटवारा योजना सुस्त।
रक्सौल में सात वर्षों में मात्र 40 परिवार पंजीकृत हुए।
प्रचार-प्रसार की कमी और दस्तावेज़ों की समस्या मुख्य कारण।
शशिभूषण कुमार, रक्सौल (पूर्वी चंपारण)। पारिवारिक संपत्ति के आपसी बंटवारे को सरल बनाने के लिए बिहाार सरकार ने वर्ष 2019 में मुद्रांक शुल्क घटाकर 100 रुपये कर दिया था। हालांकि, रक्सौल में यह योजना सुस्त रफ्तार से चल रही है।
आम जन के लिए यह योजना एक सपना बनकर रह गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार के अभाव में लोग अपेक्षित रूप से इस योजना का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
पिछले सात वर्षों में अवर निबंधन कार्यालय रक्सौल में मात्र 40 परिवारों का ही 100 रुपये के मुदांक शुल्क पर बंटवारा दर्ज हो सका है। इस योजना के तहत बंटवारे के लिए अंचल कार्यालय से निर्गत पारिवारिक सदस्यता सूची अनिवार्य है।
जानकार लोगों को अंचल से पारिवारिक सदस्यता सूची प्राप्त करने में आ रही दिक्कतों के कारण भी लोग सक्रिय नहीं हो पा रहे हैं। सरकार ने भूमि विवादों को कम करने और गरीब परिवारों को राहत देने के उद्देश्य से मुद्रांक और निबंधन शुल्क को घटाकर 100 रुपये किया था, लेकिन सात वर्षों में नाममात्र के परिवारों को ही इस योजना का लाभ मिल सका है।
ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचार-प्रसार का अभाव
सरकार की ओर से पारिवारिक बंटवारे में मुद्रांक शुल्क की कमी की घोषणा तो की गई, लेकिन ग्रामीण स्तर पर इसके प्रचार-प्रसार का अभाव साफ दिख रहा है। 40 पारिवारिक बंटवारे में अधिकांश लोग शहरी क्षेत्र के हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों और सार्वजनिक स्थलों की बात छोड़ दें, रक्सौल अवर निबंधन कार्यालय परिसर में भी इस योजना का कोई फ्लैक्स बोर्ड नहीं दिखता।
हालांकि, शुरूआत के दो वर्षों में 32 लोगों ने पारिवारिक बंटवारा किया, लेकिन धीरे-धीरे यह रफ्तार सुस्त हो गई और पिछले पांच वर्षों में मात्र चार परिवारों के बीच बंटवारा हो सका है।
आपसी सहमति के साथ इन कागजातों की है आवश्यकता
सरकार ने पैतृक संपत्ति का बंटवारा आपसी सहमति से करने के लिए मुद्रांक शुल्क में कमी का प्रविधान किया था। इस योजना के तहत निबंधन कराने के लिए परिवार के सभी हिस्सेदारों का एक साथ उपस्थित होना और उनकी आपसी सहमति होना अनिवार्य है।
परिवार में आंतरिक कलह या किसी एक सदस्य के असहयोग से भी मामले अटक जाते हैं। वहीं, योजना का लाभ पाने के लिए अंचल कार्यालय से निर्गत पारिवारिक सदस्यता सूची के साथ आधार कार्ड लाना अनिवार्य है।
अवर निबंधन कार्यालय में पारिवारिक बंटवारा का आंकड़ा
वर्ष : कुल बंटवारा
- 2019 : 18
- 2020 : 15
- 2021 : 03
- 2022 : 02
- 2023 : 01
- 2024 : 01
- 2025 : 00
- 2026 : 00 अब तक
रक्सौल में पैतृक संपत्ति के पारिवारिक बंटवारे का निबंधन काफी कम लोग करा रहे हैं। अंचल में कृषि विभाग के योजना फार्मर रजिस्ट्री और अन्य सरकारी योजनाओं के तहत भी लोग आपस में जमीन का रसीद अपने-अपने नाम करा ले रहे हैं, जिसके कारण पारिवारिक बंटवारे के मामले कम आ रहे हैं।
आशीष कुमार अग्रवाल, अवर निबंधन पदाधिकारी, रक्सौल
