विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

नकली नोट का बिहार कनेक्शन! काठमांडू से मोतिहारी तक फैला नेटवर्क, मिनी प्रिंटिंग फैक्ट्री का भंडाफोड़

By Vijay Giri Edited By: Ajit kumar
Published: Thu, 08 Jan 2026 01:56 PM (IST)

Fake currency Bihar:नेपाल पुलिस ने काठमांडू से मोतिहारी तक फैले एक बड़े नकली नोट नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस ...और पढ़ें

Fake Indian currency seizure: भारतीय नोट छापने वाली मिनी फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ है। फाइल फोटो

Fake Indian currency seizure: भारतीय नोट छापने वाली मिनी फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ है। फाइल फोटो

जागरण संवाददाता, रक्सौल (पूर्वी चंपारण)। Fake currency Bihar: नकली नोट के अंतरदेशीय कारोबार का बड़ा खुलासा करते हुए नेपाल पुलिस ने काठमांडू से लेकर बिहार के मोतिहारी तक फैले एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है।

इस कार्रवाई में नकली नेपाली और भारतीय नोट छापने वाली मिनी प्रिंटिंग फैक्ट्री का भी खुलासा हुआ है, जो भारत–नेपाल सीमा पार संगठित अपराध की गंभीरता को उजागर करता है।

नेपाल पुलिस नियंत्रण कक्ष के अनुसार, यह नेटवर्क काठमांडू, नेपाल के बारा जिला और बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी तक फैला हुआ था। रक्सौल सीमा के रास्ते नकली नोटों की आवाजाही की पुष्टि भी जांच में हुई है।

काठमांडू में गिरफ्तारी से खुली साजिश की परतें

मामले का खुलासा 6 जनवरी को हुआ, जब जिला पुलिस परिसर काठमांडू और पुलिस वृत्त बौद्ध की संयुक्त टीम ने गोकर्णेश्वर नगरपालिका वार्ड नंबर-8, अत्तरखेल चौक से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनके पास से एक हजार रुपये के 93 नकली नेपाली नोट बरामद किए गए।

प्रारंभिक पूछताछ, तकनीकी जांच और आरोपियों के बयानों के आधार पर पुलिस को इस नेटवर्क की कड़ियां नेपाल के बारा जिले और भारत के बिहार राज्य से जुड़ी होने के ठोस सुराग मिले।

मास्टरमाइंड मोतिहारी में छिपकर चला रहा था धंधा

जांच के दौरान नेपाल पुलिस ने बारा जिला के कलैया उपमहानगरपालिका वार्ड नंबर-2 निवासी 28 वर्षीय गौरीशंकर यादव को हिरासत में लिया। पूछताछ में यादव ने खुलासा किया कि इस पूरे नकली नोट कारोबार का मास्टरमाइंड रवि कुमार श्रीवास्तव (28 वर्ष) है, जो बारा जिले के फेटा गांवपालिका वार्ड नंबर-3 का रहने वाला है, लेकिन वर्तमान में बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के मोतिहारी में रह रहा था।

शुरुआत में यह चर्चा थी कि श्रीवास्तव को नेपाल में भारतीय नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल के साथ पकड़ा गया है, लेकिन पुलिस के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार सच्चाई कुछ और निकली।

मोतिहारी में चल रही थी नकली नोट छापने की फैक्ट्री

जांच में सामने आया कि रवि कुमार श्रीवास्तव ने मोतिहारी के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत लाला टोला (पटौना) में किराए पर कमरा लेकर नकली नोट छापने का पूरा सेट-अप तैयार कर रखा था। सूचना मिलते ही बारा जिला पुलिस की विशेष टीम ने भारतीय पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर मोतिहारी में छापेमारी की।

छापेमारी के दौरान ये सामान मिले

  • रंगीन प्रिंटर
  • कंप्यूटर मॉनिटर
  • नकली नोट छापने में प्रयुक्त अन्य उपकरण
  • 500 रुपये के 317 नकली भारतीय नोट

सीमापार अपराध पर बड़ी चोट

काठमांडू से शुरू हुई यह जांच भारत–नेपाल सीमा पार फैले नकली नोट के संगठित कारोबार तक जा पहुंची है। इस कार्रवाई से दोनों देशों में सक्रिय गिरोह की कार्यप्रणाली सामने आई है।

हालांकि, आरोपियों को काठमांडू ले जाकर मुकदमा चलाने को लेकर पुलिस मुख्यालय के हस्तक्षेप की चर्चा से बारा जिला पुलिस नेतृत्व में असंतोष की भी बात सामने आ रही है। बावजूद इसके, नेपाल पुलिस की इस कार्रवाई को नकली नोट कारोबार के खिलाफ एक बड़ी और अहम सफलता माना जा रहा है।

इस खुलासे के बाद सीमावर्ती बिहार, खासकर रक्सौल और मोतिहारी इलाके में सक्रिय नकली नोट नेटवर्क पर शिकंजा कसने की उम्मीद बढ़ गई है।