पूर्वी चंपारण में किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास, 60 हजार अर्थदंड भी
पूर्वी चंपारण में एक किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म के दोषी हिमांशु कुमार पाण्डेय को विशेष न्यायालय ने 20 वर्ष ...और पढ़ें

आरोपित पटना ले गया। इसके बाद रांची और जहानाबाद भी ले गया। इस दौरान मारपीट कर दुष्कर्म किया गया।
HighLights
दोषी को किशोरी के अपहरण और दुष्कर्म का दोषी पाया गया।
विशेष न्यायालय ने 20 वर्ष सश्रम कारावास और 60 हजार अर्थदंड सुनाया।
पीड़िता को बिहार कंपनसेशन स्कीम के तहत 6 लाख मुआवजा मिलेगा।
संवाद सहयोगी, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। पूर्वी चंपारण में किशोरी को अगवा कर उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में विशेष न्यायालय ने आरोपित को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
विशेष न्यायाधीश मिथिलेश कुमार ने गुरुवार को गोविंदगंज थाना क्षेत्र के लौरिया निवासी हिमांशु कुमार पाण्डेय को दोषी करार देते हुए यह सजा सुनाई। उस पर 60 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
(अर्थदंड की राशि नहीं देने पर अभियुक्त को अतिरिक्त सजा काटनी होगी। अर्थदंड वसूल होने पर यह राशि पीड़िता को दी जाएगी। मामले में पीड़िता के पिता ने गोविंदगंज (मलाही) थाना कांड संख्या 184/2024 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
प्राथमिकी के अनुसार 24 अप्रैल 2024 की रात पीड़िता पड़ोस में आयोजित एक विवाह समारोह में गई थी। समारोह से लौटने के बाद वह देर रात तक घर नहीं आई। सुबह स्वजन ने संभावित स्थानों पर उसकी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
पुलिस ने पीड़िता और नामजद आरोपित को सात मई 2024 को मोतिहारी रेलवे स्टेशन के समीप से हिरासत में लिया था। दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया, जहां पीड़िता का बयान दर्ज किया गया। पीड़िता ने न्यायालय को बताया कि घटना के दिन आरोपित ने फोन कर उसे बुलाया और अरेराज की ओर लेकर चला गया।
पीड़िता के अनुसार अगले दिन आरोपित उसे पटना ले गया। इसके बाद रांची और जहानाबाद भी ले गया। आरोप है कि इस दौरान उसके साथ मारपीट कर दुष्कर्म किया गया।
पाक्सो वाद संख्या 101/2024 के विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक पुष्पा दुबे ने चार गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर उनकी गवाही कराई।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने अभियुक्त को भादवि की धारा 363, 366ए और पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2) में दोषी पाया।
न्यायाधीश ने पीड़िता को पीड़ित घोषित करते हुए बिहार कंपनसेशन (अमेंडमेंट) स्कीम 2019 के तहत छह लाख रुपये मुआवजा देने का भी आदेश दिया। आवश्यक कार्रवाई के लिए आदेश की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकार को भेजी गई है।
