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नेपाल की नदियों में उफान से गंडक का जलस्तर बढ़ने की आशंका, पूर्वी चंपारण के चार अंचल अलर्ट

Published: Wed, 26 Aug 2026 06:48 PM (GMT+05:30)

Bihar Flood News: नेपाल क्षेत्र से आने वाली नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण गंडक नदी में बाढ़ का ...और पढ़ें

जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने संवाददाताओं को बताया कि बुधवार को 1.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना है।

जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने संवाददाताओं को बताया कि बुधवार को 1.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना है।

HighLights

  1. नेपाल की नदियों में उफान से गंडक का जलस्तर बढ़ा।

  2. पूर्वी चंपारण के चार अंचलों में बाढ़ का अलर्ट जारी।

  3. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ टीमें तैनात, लोगों को किया सचेत।

जागरण संवाददाता, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। East Champaran Flood Alert: नेपाल क्षेत्र से होकर बहने वाली नदियों के जलस्तर में अचानक वृद्धि से वाल्मीकिनगर बैराज पर पानी का दबाव बढ़ने की आशंका है।

बैराज से अधिक मात्रा में पानी छोड़े जाने की स्थिति में गंडक नदी के जलस्तर में भी अचानक वृद्धि हो सकती है। संभावित बाढ़ को देखते हुए पूर्वी चंपारण के गंडक नदी से जुड़े अरेराज, संग्रामपुर, केसरिया और पहाड़पुर अंचलों में अलर्ट जारी किया गया है।

प्रशासन ने तैयारी तेज की

जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने संवाददाताओं को बताया कि बुधवार को 1.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना है। उन्होंने कहा कि फिलहाल लोगों को पैनिक होने की जरूरत नहीं है, लेकिन संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए आपदा विभाग पूरी तरह सक्रिय है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, मेडिकल और पशुपालन विभाग की टीमों को तैनात किया गया है।

संग्रामपुर, अरेराज, केसरिया और पहाड़पुर में माइकिंग कराकर लोगों से ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। मुखिया और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से भी ग्रामीणों को सचेत कराया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से बांध और नदी के किनारे अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है।

तटबंध की निगरानी जारी

डीएम ने बताया कि आश्रय स्थलों का निरीक्षण कराया जा रहा है और नाव चालकों से एग्रीमेंट किया गया है। प्रशासन गंडक नदी के जलस्तर और संभावित बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है। उन्होंने कहा कि गंडक नदी पर बना चंपारण तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है और उसकी निगरानी की जा रही है।

बताया गया कि गुरुवार शाम तक नदी के जलस्तर में वृद्धि की संभावना है। अगले दो से तीन दिनों तक लोगों को सजग और सतर्क रहने की जरूरत है। जिला नियंत्रण कक्ष 24 घंटे कार्य कर रहा है।

अधिकारियों को दिए निर्देश

जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन शाखा, बाढ़ प्रमंडल मोतिहारी और स्थानीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की।

उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने का निर्देश दिया। संबंधित अधिकारियों की छुट्टियां रद कर दी गई हैं।

गंडक तटबंध और नदी के आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जागरूक एवं सचेत करने का निर्देश दिया गया है। अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को लगातार पेट्रोलिंग करने का निर्देश दिया गया है।

मेडिकल टीम भी तैयार

सिविल सर्जन और जिला पशुपालन पदाधिकारी को पर्याप्त दवाइयों के साथ मेडिकल टीम तैयार रखने को कहा गया है। चिन्हित स्थानों पर इन टीमों की प्रतिनियुक्ति करने का भी निर्देश दिया गया है।

जिला पंचायत राज पदाधिकारी को संबंधित प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों के साथ बैठक कर स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर लोगों को जागरूक करने को कहा गया है।