विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पूर्वी चंपारण में दो साल बाद आया चाकू से हत्या का फैसला, दोषी को उम्रकैद और 55 हजार अर्थदंड

Published: Thu, 01 Oct 2026 07:38 PM (IST)

East Champaran murder : पूर्वी चंपारण में चाकू से हत्या के मामले में दोषी आलोक पासवान को आजीवन कारावास और ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. दोषी आलोक पासवान को आजीवन कारावास की सजा मिली।

  2. 55 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।

  3. मृतक के माता-पिता को मुआवजा दिलाने का आदेश।

संवाद सहयोगी, मोतिहारी ( पूर्वी चंपारण)। अनुसूचित जाति व जनजाति के अनन्य विशेष न्यायाधीश कमलेश चंद्र मिश्र ने चाकू से मार कर युवक की हत्या करने के मामले में दोषी एक अभियुक्त को आजीवन कारावास एवं 55 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर अभियुक्त को दो वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सजा कोटवा थाना क्षेत्र के जसौली पट्टी वार्ड संख्या-9 निवासी फुरदेली पासवान के पुत्र आलोक पासवान को हुई है।

मामले में जसौली वार्ड संख्या-चार निवासी अनीश पासवान ने कोटवा थाना कांड संख्या 219/2023 दर्ज कराया था। प्राथमिकी में आलोक पासवान समेत पांच लोगों को नामजद किया गया था।

दर्ज प्राथमिकी के अनुसार पांच जून 2023 की रात सूचक के पिता साधु पासवान और छोटे भाई रूपम पासवान पड़ोसी गांव गोसाईबारी में आयोजित शादी समारोह में गए थे।

वहां आलोक पासवान एवं अन्य लोगों द्वारा उसके पिता व भाई के साथ गाली-गलौज करते हुए हत्या कर देने की धमकी दी गई। इसकी सूचना मिलने पर सूचक घर से निकला। वह नहर बांध के समीप पहुंचा, जहां नामजद आरोपितों ने रूपम पासवान पर चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी।

पिता साधु पासवान को भी घायल कर दिया। पुलिस ने मामले में आलोक पासवान को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। अनुसंधान पूरा करने के बाद उसके विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया गया।

सत्र वाद संख्या 05/2024 के विचारण के दौरान विशेष लोक अभियोजक रवि प्रकाश ने अभियोजन की ओर से सात गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत कर उनकी गवाही कराई।

न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने तथा उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद अभियुक्त आलोक पासवान को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 एवं 324 के तहत दोषी करार देते हुए उक्त सजा सुनाई।

न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत साक्ष्यों के अनुसार, घटना का कारण मृतक द्वारा अभियुक्त को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया जाना बताया गया है।

न्यायाधीश ने मृतक रूपम पासवान की मृत्यु के कारण उसके माता-पिता को वास्तविक पीड़ित घोषित किया। उन्हें प्रतिकर दिलाने के लिए आदेश की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यालय को भेजने का निर्देश भी दिया।