पूर्वी चंपारण : शिक्षक हत्याकांड का मुख्य आरोपित व 20 हजार का इनामी पूर्व प्रमुख चमन गिरफ्तार
शिक्षक शमशाद आलम हत्याकांड के मुख्य आरोपित और 20 हजार रुपये के इनामी पूर्व प्रमुख जफीर आजाद उर्फ चमन को पूर्वी चंपारण पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस की गिरफ्त में आरोपित।
HighLights
शिक्षक शमशाद आलम हत्याकांड का मुख्य आरोपित चमन गिरफ्तार।
पूर्व प्रमुख चमन पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
एसआईटी ने गुप्त सूचना पर पूर्वी चंपारण से दबोचा।
संवाद सहयोगी, बंजरिया (पूर्वी चंपारण)। बंजरिया में शिक्षक शमशाद आलम हत्याकांड के मुख्य आरोपित और 20 हजार रुपये के इनामी पूर्व प्रमुख जफीर आजाद उर्फ चमन को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया।
एसआईटी ने गुप्त सूचना के आधार पर जाल बिछाकर उसे मीना बाजार से पीछा करते हुए मेरीन ड्राइव के रास्ते गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी की पुष्टि सदर डीएसपी दिलीप कुमार ने की है।
डीएसपी ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि हत्याकांड का आरोपित चमन शहर में आने वाला है। सूचना के बाद एसआइटी सक्रिय हुई और संभावित रास्तों पर निगरानी शुरू कर दी।
चमन के मीना बाजार पहुंचने की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम ने उसका पीछा किया। मधुबन छावनी चौक से पीछा करते हुए मेरीन ड्राइव के रास्ते उसे दबोच लिया गया।
चमन की गिरफ्तारी को पुलिस इस हत्याकांड की जांच में बड़ी सफलता मान रही है। पुलिस ने उस पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। इस मामले में एक अन्य आरोपित शब्बीर आलम को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
नौ लोगों के खिलाफ दर्ज है प्राथमिकी
शिक्षक शमशाद आलम की पत्नी रिजवाना परवीन के बयान पर बंजरिया थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसमें पूर्व प्रमुख जफीर आजाद उर्फ चमन, सिसवा पूर्वी पंचायत की मुखिया तान्या प्रवीण, उनके पति फैजुर्रहमान समेत नौ लोगों को आरोपित किया गया है। पुलिस अन्य आरोपितों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
17 सितंबर को अगवा कर पीट-पीटकर कर दी थी हत्या
सिसवा उर्दू उच्च विद्यालय के शिक्षक शमशाद आलम 17 सितंबर को बनकट मध्य विद्यालय से परीक्षा ड्यूटी पूरी कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान सिसवा पूर्वी पंचायत भवन के पास उन्हें अगवा कर लिया गया।
आरोप है कि वहां उनके साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद शव को जटवा-जनेरवा मार्ग में बांसवारी के पास फेंक दिया गया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव बरामद कर सदर अस्पताल लाई, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना से आक्रोशित लोगों ने पोस्टमार्टम से पहले शव को अस्पताल चौक पर सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया।
करीब एक घंटे तक आवागमन बाधित रहा। सदर एसडीओ अरुण कुमार, सदर एसडीपीओ दिलीप कुमार व पूर्व नरकटिया विधायक डा. शमीम अहमद ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया, जिसके बाद जाम समाप्त हुआ और शव का पोस्टमार्टम कराया गया।
18 सितंबर को कड़ी सुरक्षा के बीच शमशाद आलम की जनाजे की नमाज हुई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। 19 सितंबर को ग्रामीणों ने कैंडिल मार्च निकालकर हत्याकांड के आरोपितों की गिरफ्तारी की मांग की थी।
21 सितंबर को एसपी ने बंजरिया थाना पहुंचकर मृत शिक्षक के स्वजन से मुलाकात की थी। इसके अगले ही दिन मुख्य आरोपित चमन की गिरफ्तारी से पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली।
