मोतिहारी। महात्मा गांधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय में मकर संक्रांति के अवसर पर 'जनमानस की अपेक्षाएं और प्रबुद्धजनों की भूमिका' विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। कुलपति प्रो. अनिल कुमार राय ने कहा कि हमारे विवि के पास संसाधन भले ही कम है, लेकिन हम रुकने वाले नहीं हैं। हमारे पास लगभग 34 एकड़ जमीन है। जल्द ही हम उस पर निर्माण कार्य शुरु कर देंगे। इसके लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय से बात हुई है और वहां से इस संदर्भ में हरी झंडी मिल गई है। हम सभी जानते हैं कि पढ़ने-पढ़ाने के लिए विवि के पास अपना भवन होना चाहिए। विवि प्रशासन इस संदर्भ में अथक प्रयास कर रहा है। अगले 45 दिनों में लगभग 34 एकड़ जमीन पर निर्माण कार्य-योजना तैयार हो जाने की उम्मीद है और उसके बाद एक महीने का समय आर्किटेक्ट को लग सकता है। प्रो. राय ने अगले सत्र से विवि के स्थायी कैंपस में पढ़ाई शुरू हो जाने और विद्यार्थियों को यथासंभव सुविधाएं देने की ओर इशारा किया। कहा अगले सत्र में विवि के स्थायी कैंपस में बैठक होगी। कहा कि यह वही धरती है जहां से महात्मा गांधी ने बुनियादी शिक्षा की शुरुआत की थी। विवि में भी पारम्परिक पाठ्यक्रमों को संचालित करते हुए सिर्फ एमए, बीए. और पी-एच.डी की डिग्री बांटने की बजाय उन्होंने कौशलयुक्त शिक्षा पर जोर देने की बात कही। आगे कहा कि चम्पारण की धरती को यह विवि संघर्षों के बाद मिला है, तो उसकी उम्मीदें भी जानने की आवश्यकता है। जिससे इस दिशा में सकारात्मक पहल की जा सके। विवि के कुलानुशासक डॉ. बृजेश पाण्डेय ने चम्पारणवासियों के उम्मीदों को महत्व देते हुए पत्रकारों और बुद्धिजीवियों से उनकी राय मांगी। चैम्बर ऑफ कामर्स के महासचिव रामभजन ने कहा कि चम्पारण में प्रतिभाओं की कमी नहीं है उन्हें निखारने की आवश्यकता है। विवि में फ़ल्मि एवं थियेटर, जनसंचार, गांधी दर्शन आदि नए पाठ्यक्रमों को जल्द से जल्द शुरु किये जाने की आवश्यकता है। विवि के जनसम्पर्क प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉ पवनेश कुमार ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान का मूल्यांकन संस्थान से निकले विद्यार्थी ही होते हैं। हमारे मास्टर्स कोर्स के प्रथम बैच के कई विद्यार्थी नेट/जेआरएफ उत्तीर्ण कर विवि का मान बढ़ा रहे हैं। अनु कुमारी नाम की एक छात्रा ने हाल ही में राष्ट्रीय इस्पात निगम में प्रशिक्षु प्रबंधन पद पर सफलता हासिल की है। मैनेजमेंट और समाजकार्य विभाग के अन्य कई विद्यार्थियों का जाने-माने निजी संस्थाओं में प्लेसमेंट हुआ है। बैचलर के विद्यार्थियों का पहला बैच अभी अपना पाठ्यक्रम पूरा करने के अंतिम दौर में है। चैम्बर ऑफ कामर्स के सुधीर कुमार अग्रवाल ने विवि को सुचारु रूप से चलाने और पठन-पाठन पर ध्यान देने की बात कही। कुलपति प्रो. राय ने परिचर्चा में जाहिर हुई उम्मीदों और सुझावों पर विचार करने और सकारात्मक कदम उठाने की बात कही। मौके पर विवि के भौतिक विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ संतोष कुमार त्रिपाठी, राजनीति विज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ. सरिता तिवारी, कुलानुशासक डॉ बृजेश पाण्डेय आदि मौजूद थे। इसके अलावा कुलपति ने बनकट स्थित केविवि को मिली भूमि की पैमाइश भी कराई व भवन निर्माण आदि को लेकर विचार-विमर्श किया।

Posted By: Jagran