पूर्वी चंपारण में गंडक का जलस्तर बढ़ते ही अलर्ट मोड में प्रशासन, डुमरियाघाट पहुंचे मुख्यमंत्री
गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ के खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने डुमरियाघाट का दौरा किया। ...और पढ़ें

डुमरियाघाट पुल का निरीक्षण करते मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी, सांसद राधामोहन सिंह व अन्य अधिकारीगण।
HighLights
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने डुमरियाघाट का दौरा किया।
गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया।
अधिकारियों को बाढ़ से निपटने की तैयारी के निर्देश दिए।
जागरण संवाददाता, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण)। गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि और जिले के संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बढ़ते खतरे को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सोमवार को डुमरियाघाट पहुंचे।
उन्होंने क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों से जलस्तर तथा तटबंधों की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने डुमरियाघाट पुल का भी निरीक्षण किया।
इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नदी के बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रखने तथा संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी रखने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासनिक एवं तकनीकी टीमें लगातार निगरानी करें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।
मुख्यमंत्री ने गंडक नदी पर बने चंपारण तटबंध की भी विशेष निगरानी करने को कहा। तटबंध के कमजोर अथवा संवेदनशील हिस्सों की लगातार जांच कराने और आवश्यकता के अनुसार तत्काल बचाव कार्य शुरू करने का निर्देश दिया गया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव की जानकारी लगातार लेते रहें और स्थानीय स्तर पर भी लोगों को स्थिति से अवगत कराएं।
बाढ़ की आशंका को देखते हुए मुख्यमंत्री ने प्रभावित और संभावित प्रभावित लोगों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
जरूरत पड़ने पर राहत शिविर, भोजन, पेयजल, चिकित्सा, नाव एवं अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। प्रशासन को निर्देश दिया गया कि लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार रहे।
गंडक के बढ़ते जलस्तर के बीच मुख्यमंत्री के डुमरियाघाट पहुंचने से प्रशासनिक स्तर पर बाढ़ की तैयारियों की सक्रियता और बढ़ गई है।
अधिकारियों को नदी एवं तटबंधों की निगरानी तेज करने के साथ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव संसाधनों को तैयार रखने का निर्देश दिया गया है।
मुख्यमंत्री के साथ सांसद राधामोहन सिंह, जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव, पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात समेत जल संसाधन विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
