मोतिहारी। पूर्व केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री सांसद राधामोहन सिंह ने कहा है कि छठ पर्व चार दिनों का कठिनतम तप है। छठ के पावन पर्व के अवसर पर हम सूर्य की उपासना एवं छठी मैया की पूजा करते हैं। सूर्य से ही जीवन है। प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा भी सूर्य ही करता है इसलिए कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी, पंचमी, षष्ठी और सप्तमी, चार दिनों तक लगातार चलने वाला छठ पर्व भारत ही नहीं, अब तो विदेशों में भी काफी धूमधाम से मनाया जाता है। सांसद श्री सिंह रविवार की शाम कला-संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा छतौनी छठ पूजा समिति एवं अटल उद्यान छठ घाट पर आयोजित भगवान भास्कर महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। कहा कि महापर्व छठ के दौरान प्रकृति से प्राप्त फल, फूल, सब्जियां से विभिन्न प्रकार के धातुओं और बांस से बने बर्तनों में रखकर व्रती महिलाएं सहित सभी लोग किसी जलाशय के किनारे बने घाट पर साज- सज्जे के साथ जाते हैं। जल में खड़े होकर व्रती-ज्यादा महिलाएं और थोड़े पुरुष भी, षष्ठी के दिन डूबते हुए सूर्य को और सप्तमी की सुबह उगते सूर्य को अ‌र्घ्य देते हैं। यह चार दिनों का कठिनतम तप है। यह प्रकृति पर्व है - सूर्य की उपासना का पर्व है। स्वच्छता भारतीय जीवन पद्धति में एक महत्वपूर्ण व्यवहार है। जीवन में स्वच्छता धारण किए हुए भारतीय समाज द्वारा किया जाने वाला यह व्रत स्वच्छता का उत्कृष्ट उदाहरण है। छठ समाज को एक करने वाला व्रत है। सूर्य सबसे जुड़े हुए हैं, इसलिए वह सबको जोड़ देते हैं। जाति, वर्ग, अमीर-गरीब, स्त्री-पुरुष, सब मिलकर घाट पर एक साथ सूर्य को प्रणाम करते हैं। मौके पर कला-संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री प्रमोद कुमार, एमलएसी बब्लू गुप्ता, प्रवक्ता प्रकाश अस्थाना, पं. चंद्रकिशोर मिश्र, डा. लालबाबू प्रसाद, गुलरेज शहजाद, योगेन्द्र प्रसाद, जदयू के उपाध्यक्ष अमरेन्द्र सिंह, प्रो. दिनेशचंद्र प्रसाद आदि मौजूद थे।

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