मोतिहारी। केंद्रीय कारा में पहली बार विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा विधिपूर्वक की जाएगी। विभिन्न तरह के अपराध करने के आरोप में केंद्रीय कारा में बंद साक्षर बंदी मां सरस्वती की पूजा-अर्चना करेंगे। कारा प्रशासन द्वारा प्रसाद व फोटो की भी व्यवस्था की गई है। पूजा करने के लिए कुल 50 बंदियों ने जेल प्रशासन को आवेदन दिया है। जेल प्रसाशन द्वारा अनुमति मिलने के बाद पूजा की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। कारा में सफाई व सजावट भी की गई है। जिन 50 बंदियों ने आवेदन दिया है उसमें 12 सजायाफ्ता बंदी भी शामिल है। जेल में मूर्ति की पूजा की अनुमति नहीं मिलने के कारण फोटो रखकर पूजा की जा रही है। जेल प्रशासन द्वारा वैसे बंदी को ही पूजा की अनुमति दी गई है, जो साक्षर है व पढ़ाई करते समय किसी न किसी अपराध में कारा में बंद हैं। बंदियों में जेल प्रशासन को जिन बंदियों ने सूची दी है, उसमें सुनील कुमार, सोनू कुमार, गूडू श्रीवास्तव, राज किशोर आदि के नाम शामिल हैं। पूजा के दिन से शुरू होगी साक्षर बंदियों की प्रतियोगिता कारा के अन्दर बंद साक्षर बंदियों के लिए रविवार से प्रतियोगिता प्रारंभ किया जाएगा। इसमें पढ़े-लिखे बंदी हिस्सा लेंगे। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बंदियों को किताब व पत्रिका की व्यवस्था जेल प्रशासन द्वारा कराया जाएगा। बंदियों की परीक्षा ली जाएगी। वे जिले के बाहर बने परीक्षा केंद्रों पर भी जाकर परीक्षा देंगे। उच्च शिक्षा के लिए भी खास इंतजाम कारा में बंद शिक्षित बंदी अगर उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं, तो उनके लिए भी खास व्यवस्था की गई है। वे नियम के अनुरूप कारा प्रशासन को आवेदन देंगे। इसके बाद कारा प्रशासन आगे की पढ़ाई के लिए खास इंतजाम भी किए जाएंगे।

Posted By: Jagran

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