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रेल यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट, 21 स्टेशनों पर बदल रही रेलवे की तस्वीर, रामगढ़वा भी शामिल

Published: Fri, 04 Sep 2026 04:48 PM (IST)

समस्तीपुर मंडल के 21 रेलवे स्टेशनों पर पुराने पैनल इंटरलॉकिंग सिस्टम को हटाकर अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग (ईएल) सिस्टम लगाया जाएगा, ...और पढ़ें

पूर्वी चंपारण का रामगढ़वा स्टेशन।

पूर्वी चंपारण का रामगढ़वा स्टेशन।

HighLights

  1. 21 स्टेशनों पर इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगेगा।

  2. आधुनिकीकरण पर 233 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

  3. मानवीय त्रुटियां कम होंगी, 'कवच' का आधार बनेगा।

संजय परिहार, मोतिहारी । आने वाले दिनों में समस्तीपुर मंडल के 21 रेलवे स्टेशनों से गुजरने वाली ट्रेनों का सफर और सुरक्षित व तेज हो सकता है। रेलवे इन स्टेशनों पर दशकों पुराने पैनल इंटरलाकिंग सिस्टम को हटाकर अत्याधुनिक इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग (ईएल) सिस्टम लगाने जा रहा है।

इस आधुनिकीकरण पर करीब 233 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। पूर्वी चंपारण के रामगढ़वा स्टेशन को भी इस महत्वपूर्ण परियोजना में शामिल किया गया है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद ट्रेनों के परिचालन में मानवीय गलतियों की गुंजाइश कम होगी और फाल्ट का पता भी तेजी से लगाया जा सकेगा।

पुरानी तकनीक की जगह नई व्यवस्था

रेलवे आधुनिकीकरण के तहत 21 स्टेशनों पर लगे पुराने पैनल इंटरलाकिंग सिस्टम को पूरी तरह हटाया जाएगा। इसके स्थान पर इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग सिस्टम स्थापित किया जाएगा। यह आधुनिक तकनीक स्टेशन पर ट्रेनों के आवागमन और सिग्नल व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने में मदद करेगी।

रामगढ़वा स्टेशन भी सूची में

पूर्वी चंपारण के रामगढ़वा स्टेशन पर भी यह बदलाव किया जाएगा। यहां पुराने इंटरलाकिंग सिस्टम की जगह ईएल सिस्टम लगाया जाएगा। इससे स्टेशन पर ट्रेनों के परिचालन से जुड़ी व्यवस्थाएं आधुनिक तकनीक से जुड़ जाएंगी। इसका सीधा लाभ रेल यात्रियों को सुरक्षित रेल परिचालन के रूप में मिलेगा।

मानवीय गलती की गुंजाइश होगी कम

पूर्व मध्य रेलवे, हाजीपुर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि नई इलेक्ट्रानिक इंटरलाकिंग प्रणाली से मानवीय गलतियों की गुंजाइश कम होगी। साथ ही किसी तकनीकी खराबी या फाल्ट का पता तेजी से लगाया जा सकेगा। इससे परिचालन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।

'कवच' के लिए भी तैयार होगा आधार

रेलवे की यह पहल केवल इंटरलाकिंग सिस्टम बदलने तक सीमित नहीं है। नई इलेक्ट्रानिक व्यवस्था स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली 'कवच' की स्थापना के लिए भी मजबूत आधार तैयार करेगी। इससे भविष्य में ट्रेनों की सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

इन स्टेशनों पर होगा आधुनिकीकरण

समस्तीपुर मंडल के जिन 21 स्टेशनों को इस परियोजना में शामिल किया गया है, उनमें रामगढ़वा, मधुबनी, राजनगर, पंडौल, रोसड़ा घाट, अंगार घाट, बदला घाट, धमारा घाट, भगवानपुर देसुआ, नरहन, नया नगर, सलौना, इमली, ओलापुर, कोपरिया, सिमरी बख्तियारपुर, सोनबरसा कचहरी, डा. श्रीकृष्ण सिंह नगर गढ़पुरा, बैजनाथपुर, बुधमा और मुरलीगंज शामिल हैं।

233 करोड़ से बदलेगी व्यवस्था

21 स्टेशनों पर इंटरलाकिंग सिस्टम के आधुनिकीकरण पर करीब 233 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। रेलवे का उद्देश्य तकनीक के इस्तेमाल से परिचालन को अधिक सुरक्षित, तेज और भरोसेमंद बनाना है। इससे इन स्टेशनों पर ट्रेन संचालन की पुरानी व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से बदलने का रास्ता साफ होगा।