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नेपाल में नदी किनारे बस्तियों पर रोक, पीएम बालेन्द्र शाह का फैसला बिहार के लिए भी अहम

By Sanjay Kumar UpadhyayEdited By: Dharmendra Singh
Published: Mon, 14 Sep 2026 03:58 PM (IST)

नेपाल सरकार ने 26 अगस्त की बाढ़ के बाद नदी किनारे बस्तियों पर रोक लगाने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री ...और पढ़ें

नेपाल के पीएम बालेन्द्र शाह व नेपाल के नुवाकोट जिले के विदुर नगरपालिका क्षेत्र में त्रिशूली की धारा में समाहित घर। जागरण अर्काइव

नेपाल के पीएम बालेन्द्र शाह व नेपाल के नुवाकोट जिले के विदुर नगरपालिका क्षेत्र में त्रिशूली की धारा में समाहित घर। जागरण अर्काइव

HighLights

  1. नेपाल में बाढ़ के बाद नदी किनारे बस्तियों पर प्रतिबंध लगाया गया।

  2. पीएम बालेन्द्र शाह ने सुरक्षित पुनर्वास के लिए योजना बनाई।

  3. नई बस्तियों में शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर।

संजय कुमार उपाध्याय, मोतिहारी। नेपाल के रसुवा, नुवाकोट व धादिंग जिले में 26 अगस्त को भोटेकोशी व त्रिशूली नदियों के बाढ़ ने जिस तरह की तबाही मचाई अब वैसी तबाही फिर से न हो इस कोशिश में नेपाल सरकार लगी है।

जैसे-जैसे बाढ़ की त्रासदी के कारण मलबे तब्दील बड़ी-बड़ी इमारतों की जमीन सख्त हो रही सरकार नेपाल के लोगों को सुरक्षित व व्यवस्थित जीवन देने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।

प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने सोमवार को साफ तौर पर संकेत दे दिए कि अब नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में नदी किनारे (जल अधिग्रहण क्षेत्र में) बस्तियां नहीं होंगी।

प्रभावित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के साथ सोमवार को प्रधानमंत्री (मंत्रिपरिषद) कार्यालय में पुनर्स्थापन कार्यों पर चर्चा करते हुए कहा कि सरकार अपने पास उपलब्ध व दाता संस्थाओं द्वारा उपलब्ध कराए गए संसाधनों का उपयोग करने की तैयारी कर रही है।

इस क्रम में त्रासदी में तबाह हो चुकी बस्तियों को बसाने की बात पर साफ किया कि सरकार ने शुरुआत से ही नदी के किनारे की बस्तियों के जोखिम में होने का मुद्दा उठाया था।

नदी किनारे बस्तियों के नहीं होने का आरंभ रसुवा के बाढ़ प्रभावित नदी तटीय क्षेत्रों से की गई है। स्थानीय जन प्रतिनिधियों से मिली जानकारी के अनुसार तटीय क्षेत्रों में दोबारा बस्तियां बसाना संभव नहीं होगा। इसके लिए सरकार प्रभावित क्षेत्र के पास ही, लेकिन सुरक्षित स्थान पर नई बस्ती बसाने की तैयारी में है।

बस्ती बसाते समय शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य व संस्कृति का रहेगा ध्यान

नेपाल प्रधानमंत्री कार्यालय के फेसबुक अकाउंट पर दी गई जानकारी में बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए बताया गया है कि बस्ती बसाते समय प्रभावित लोगों के रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति आदि को ध्यान में रखना होगा।

उन्हें पहले जैसी सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। खेती योग्य जमीन को बचाते हुए वैज्ञानिक तरीके से बस्ती का प्रबंधन किया जाएगा। इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों से उपयुक्त जमीन की पहचान कर संघीय सरकार के पास सिफारिश भेजने को कहा गया है। पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना के लिए संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी।

एकजुटता के दम पर किया बेहतर काम

नेपाल की राजधानी काठमांडू के सिंह दरबार स्थित प्रधानमंत्री व मंत्री परिषद कार्यालय में बाढ़ प्रभावित स्थानीय निकायों के साथ बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कारण यह कि प्रभावित क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने पीएम को बताया कि आपदा के समय संघीय, प्रांतीय और स्थानीय स्तर के बीच तत्काल समन्वय हुआ। पीएम ने साफ किया कि पहले संघ, प्रदेश और स्थानीय स्तर के बीच समन्वय नहीं होता था।

इस आपदा में हम एकजुट होकर खड़े हुए और मिलकर काम किया। सरकार प्रभावित क्षेत्रों में यथाशीघ्र सड़क संपर्क बहाल करने के लिए लगातार काम कर रही है। सड़क संपर्क बहाल होने के बाद प्रभावित लोगों के लिए सामान्य स्थिति की ओर लौटना आसान हो जाएगा।

26 अगस्त की बाढ़ के बाद नेपाल में मची थी भारी तबाही

याद रहे कि 26 अगस्त को नेपाल के रसुवा जिले के भोटेकोशी नदी से शुरू प्रलयंकारी बाढ़ ने रसुवा, नुवाकोट व धादिंग जिले में भारी क्षति हुई थी। इन तीनों जिलों में नदी किनारे की बस्तियां बड़ी संख्या में तबाह हुईं थी। बड़ी-बड़ी इमारतें रेत में बदल गईं थीं। अभी तबाह घरों की गिनती व लापता लोगों की खोज का काम लगातार चल रहा है।

आंकड़ों की नजर में त्रासदी का प्रभाव

अलग-अलग काम के लिए विशेषज्ञ दलों की संख्या

  • आपदा प्रबंधन : 491
  • रस्सी बचाव : 93
  • गहरे गोताखोर : 39
  • शव प्रबंधन : 14
  • ड्रोन कर्मी : 05
  • के-9 : 07
  • मेडिकल टीम : 48
  • ढही संरचना के खोज व बचाव : 69
  • उच्च ऊंचाई पर बचावकर्मी : 08

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किस जिले में कितने लोग बचाए गए

  • रसुवा : 1855
  • नुवाकोट : 3427
  • धादिंग : 03
  • कुल : 5285

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स्वाथ्य लाभ लेनेवालों की संख्या

  • रसुवा : 83
  • नुवाकोट : 3925
  • धादिंग : 25
  • काठमांडू : 115
  • कुल : 4148

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राहत वाली उड़ानों की संख्या

  • रसुवा : 229
  • नुवाकोट : 56
  • कुल : 285

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शव प्रबंधन

  • अबतक मिले : 1393
  • अबतक प्रबंधन : 1230
  • स्त्रोत : सशस्त्र प्रहरी बल, नेपाल। (13 सितंबर तक)