जीविका दीदियों को मिलेंगे 60 हजार, पकड़ीदयाल में सुधा केंद्र खोलने के लिए मिलेगा लोन
Sudha Dairy Booth Bihar: पूर्वी चंपारण के पकड़ीदयाल में जीविका दीदियां अब सुधा बिक्री केंद्र खोलकर आत्मनिर्भर बनेंगी। इस योजना ...और पढ़ें

महिला का जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़े होना आवश्यक है। (AI Generated Image)

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संवाद सहयोगी, पकड़ीदयाल (पूर्वी चंपारण)। Jeevika Didi Scheme: पूर्वी चंपारण के पकड़ीदयाल अनुमंडल की जीविका दीदियों के लिए आत्मनिर्भरता और कमाई का एक और बड़ा अवसर सामने आया है। अब सभी पंचायतों में सुधा बिक्री केंद्र खोलकर दीदियां अपने सपनों को नई उड़ान दे सकेंगी।
स्वरोजगार का बड़ा अवसर
सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए लगातार नए दरवाजे खोल रही है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 10 हजार से लेकर दो लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि के बाद यह नया कदम उठाया गया है।
ऑनलाइन आवेदन शुरू हुआ
जीविका और काम्फेड के संयुक्त प्रयास से अब गांवों में सुधा डेयरी बूथ खोले जाने की तैयारी है। जीविका अधिकारी आदित्य चंद्र ने बताया कि इच्छुक दीदियों के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
गांव में मिलेंगे डेयरी उत्पाद
महिला उद्यमी योजना की तर्ज पर महिलाओं को व्यापार से जोड़कर उनकी आमदनी बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इन केंद्रों के शुरू होने से गांवों में ही सुधा का दूध, दही और घी आसानी से मिलने लगेगा।
समूह सदस्य होना अनिवार्य
योजना का लाभ लेने के लिए महिला का जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़े होना आवश्यक है। इसके अलावा संबंधित पंचायत में दीदी के पास खुद की या किराये की दुकान की सुविधा होनी चाहिए।
लॉटरी से चयन प्रक्रिया
किसी एक पंचायत से एक से अधिक आवेदन मिलने पर पारदर्शी लॉटरी सिस्टम से लाभार्थी चुना जाएगा। चयनित दीदी को सुधा केंद्र स्थापित करने के लिए 60 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
फ्रीजर और बोर्ड मिलेंगे
इस राशि से डीप फ्रीजर, विजी कूलर, साइन बोर्ड और दुकान की मरम्मत का कार्य किया जा सकेगा। इस महत्वाकांक्षी योजना में लाभार्थी महिला को अपनी तरफ से सिर्फ 15 हजार रुपये का अंशदान देना होगा।
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत अनुमंडल की सभी पंचायतों में जीविका सुधा बिक्री केंद्र खोले जाएंगे। इच्छुक जीविका दीदियां निर्धारित पोर्टल पर आनलाइन आवेदन करें। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को स्वरोजगार मिलेगा और लोगों को गांव में ही सुधा के डेयरी उत्पाद उपलब्ध हो सकेंगे।
