आज विश्व के सबसे ऊंचे शिवलिंग की होगी स्थापना: तमिलनाडु में दस साल में निर्मित, वजन 210 मीट्रिक टन
मोतिहारी के विराट रामायण मंदिर में 33 फीट ऊंचे शिवलिंग को आधार पीठ पर स्थापित कर लिया गया है। तमिलनाडु ...और पढ़ें

विराट रामायण मंदिर में सहस्त्रलिंगम शिवलिंग की होगी स्थापना। फोटो जागरण
HighLights
मोतिहारी में 33 फीट ऊंचा शिवलिंग आधार पीठ पर स्थापित।
तमिलनाडु में दस साल में निर्मित, 210 मीट्रिक टन वजनी।
शिल्पकार हेमलता देवी की देखरेख में हुआ निर्माण।
जागरण संवाददाता, मोतिहारी। मंदिर परिसर में बनाए गए आधार पीठ पर स्थापित करने के लिए शुक्रवार को व्यापक सुरक्षा प्रबंधों के बीच 33 फीट ऊंचे शिवलिंग को खड़ा कर लिया गया। शिवलिंग ठीक उसी स्थान पर खड़ा किया गया है, जहां आधार पीठ बनाया गया है। इसी के साथ अब आगे सहस्त्रलिंगम को आधार पीठ पर खड़ा करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
याद रहे कि शिवलिंग का निर्माण तमिलनाडु के महाबलीपुरम के पट्टीकाडू गांव में बीते दस साल से हो रहा था। 33 फीट का शिवलिंग एक ब्लैक ग्रेनाइट मोनोलिथ पत्थर से निर्मित है। कलाकारों के 10 साल के अथक परिश्रम से यह शिवलिंग बनकर तैयार हुआ है। शिवलिंग का वजन 210 मीट्रिक टन है। इस पर 1008 सहस्त्रलिंगम तैयार किया गया है।
शिवलिंग निर्माण की पूरी प्रक्रिया शिल्पकार हेमलता देवी की निगरानी में किया गया है। इसमें शिल्पकारों के एक पूरे दल का श्रम लगा है। उसमें हेमलता के पुत्र विनायक बैकट रमण भी प्रमुख हैं। पीठ पूजा में सभी शिल्पकारों को बुलाया गया है। उन्हें भी मंदिर निर्माण समिति की ओर से सम्मानित किया जाना है।
46 दिनों की यात्रा तय कर 05 जनवरी को मंदिर परिसर पहुंचा शिवलिंग
बता दें कि संसार के सबसे बड़े शिवलिंग को तमिलनाडु के महाबलीपुरम से पूर्वी चंपारण के कैथवलिया स्थित विराट रामायण मंदिर परिसर लाने में कुल 46 दिनों का समय लगा। महाबलीपुरम से 21 नवंबर को शिवलिंग चला। तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश,उत्तर प्रदेश होते हुए करीब 2565 किलोमीटर से अधिक की दूरी तय कर 46 दिन में कैथवलिया विराट रामायण मंदिर परिसर में 05 जनवरी 2026 को पहुंचा।
इसके बाद से ही यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही। इस क्रम में शुक्रवार को भी परिसर में जब शिवलिंग को खड़ा किया रहा था तब बड़ी संख्या में मौजूद लोग दूर से ही हर-महादेव के नारे लगा रहे थे।
