अब ग्रेजुएशन में मिलेगी जॉब ट्रेनिंग और स्टाइपेंड, इंटर पास छात्रों के लिए शानदार विकल्प बना AEDP कोर्स
इंटरमीडिएट पास छात्रों के लिए अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) स्नातक का एक बेहतर विकल्प है, जो बिहार में लागू हो गया है।

इंटर पास छात्रों के लिए शानदार विकल्प बना AEDP कोर्स (AI Generated Image)
HighLights
एईडीपी इंटरमीडिएट पास छात्रों के लिए स्नातक का विकल्प।
चार वर्षीय कार्यक्रम में 75% अकादमिक, 25% कौशल प्रशिक्षण।
तीसरे वर्ष में उद्योगों में स्टाइपेंड-युक्त अप्रेंटिसशिप अनिवार्य।
जागरण संवाददाता, मोतिहारी। इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण (पास) करने वाले विद्यार्थियों के लिए अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम (एईडीपी) स्नातक के सामान्य पाठ्यक्रम का एक बेहतर विकल्प है। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा से जोड़ा जा रहा है।
इस व्यवस्था को बिहार में लागू कर दिया गया है। इस शिक्षा व्यवस्था के लिए बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के तीन महाविद्यालयों का चयन किया गया है। इनमें मोतिहारी का लक्ष्मी नारायण दूबे महाविद्यालय भी शामिल है। नामांकन की प्रक्रिया जारी है।
चार वर्षीय इस स्नातक डिग्री कार्यक्रम में 75 प्रतिशत अकादमिक शिक्षा एवं 25 प्रतिशत उद्योग आधारित कौशल प्रशिक्षण शामिल होगा। मोतिहारी के एलएनडी कॉलेज में आगामी एक सितंबर से कक्षा संचालन शुरू किए जाने की संभावना है। इसको लेकर तैयारी की जा रही है।
प्राचार्य प्रो. मृगेंद्र कुमार ने बताया कि एईडीपी से संबंधित तीन दिवसीय प्रशिक्षण पटना के चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान में विगत 11 से 13 अगस्त तक आयोजित किया गया। इसमें एलएनडी कॉलेज के छह शिक्षकों ने भाग लिया था। इस कोर्स में कुल आठ सेमेस्टर होंगे।
कार्यक्रम की विशेषता यह है कि तीसरे वर्ष में विद्यार्थियों के लिए उद्योगों में स्टाइपेंड-युक्त अप्रेंटिसशिप अनिवार्य होगी। यह कार्यक्रम ‘अर्न ह्वाइल यू लर्न’ की अवधारणा पर आधारित है। इसे उच्च शिक्षा को उद्योगों की आवश्यकताओं और रोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
एलएनडी कॉलेज मोतिहारी में बीए इन कांटेंट एंड क्रिएटिव राईटिंग, बीकाम इन बैंकिंग, फाइनांसियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस तथा बीकाम इन रिटेल ऑपरेशन का कोर्स उपलब्ध है।
स्नातक के समान एईडीपी को मान्यता
चार वर्षीय इस पाठ्यक्रम को स्नातक के समतुल्य मान्यता प्राप्त है। यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) एवं नई शिक्षा नीति-2020 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार किया गया है।
इसकी डिग्री किसी भी अन्य नियमित स्नातक पाठ्यक्रम जैसे बीए, बीकॉम, और बीएससी के समान मान्य होगी। छात्र इस डिग्री के आधार पर उच्च शिक्षा प्राप्त करने तथा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने के लिए पात्र होंगे।
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