पूर्वी चंपारण में खाली पड़े थे कार्यस्थल और ऐप पर बन रही थी 181 मजदूरों की हाजिरी, 3 पर केस दर्ज
पूर्वी चंपारण के ढाका प्रखंड में सरकारी योजनाओं में NMMS क्लोन ऐप के जरिए 181 मजदूरों की फर्जी हाजिरी का ...और पढ़ें

खाली पड़े थे कार्यस्थल (एआई जेनरेटेड तस्वीर)
HighLights
NMMS क्लोन ऐप से 181 मजदूरों की फर्जी हाजिरी।
कार्यस्थल पर एक भी मजदूर मौजूद नहीं था।
तीन लोगों पर प्राथमिकी, एक आरोपी हिरासत में।
संवाद सहयोगी, सिकरहना। सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता के लिए शुरू की गई डिजिटल निगरानी व्यवस्था को ही फर्जीवाड़े का जरिया बना लिया गया। ढाका प्रखंड की करमावा पंचायत में एनएमएमएस क्लोन ऐप के माध्यम से वीबी- जी राम जी योजनाओं में मजदूरों की फर्जी उपस्थिति दर्ज करने का मामला सामने आया है।
हैरानी की बात यह है कि कार्यस्थल पर एक भी मजदूर मौजूद नहीं था, जबकि मोबाइल ऐप पर प्रतिदिन 181 मजदूरों की हाजिरी बनाई जा रही थी। मामले में उप विकास आयुक्त के निर्देश पर तीन लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने एक आरोपित को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
औचक निरीक्षण में खाली मिले कार्यस्थल
मामले का खुलासा 18 अक्टूबर को सिकरहना के अनुमंडल पदाधिकारी विजय कुमार के औचक निरीक्षण में हुआ। उन्होंने करमावा पंचायत भवन परिसर में मिट्टी भराई और पेवर ब्लॉक निर्माण (योजना संख्या-20484790) तथा बहलोलपुर में नाला और पीसीसी निर्माण (योजना संख्या-आरसी/20870723) का निरीक्षण किया।
इस दौरान दोनों कार्यस्थलों पर एक भी मजदूर काम करता नहीं मिला। इसके बाद योजनाओं के तकनीकी रिकॉर्ड की जांच की गई तो फर्जी उपस्थिति का मामला सामने आया।
181 मजदूरों की हाजिरी बनाई जा रही
पहली योजना में 11 से 18 अक्टूबर तक प्रतिदिन 133 मजदूरों की, जबकि दूसरी योजना में 15 से 18 अक्टूबर तक प्रतिदिन 48 मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की गई थी। इस तरह ऐप पर रोजाना कुल 181 मजदूरों की हाजिरी बनाई जा रही थी। जांच में फर्जी तरीके से फोटो अपलोड कर उपस्थिति दर्ज करने की अनियमितता सामने आई।
क्लोन ऐप से घर बैठे हाजिरी बनाने का आरोप
जांच में यह भी सामने आया कि करमावा पंचायत में मेट के रूप में रूपमाला देवी निबंधित हैं, लेकिन उनके निबंधित मोबाइल नंबर का संचालन कथित तौर पर उनके पति लालबाबू पासवान कर रहे थे। जांच में एनएमएमएस ऐप के क्लोन संस्करण के इस्तेमाल से फर्जी उपस्थिति दर्ज किए जाने की बात सामने आई।
एसडीओ की रिपोर्ट के बाद उप विकास आयुक्त के निर्देश पर ढाका के कार्यक्रम पदाधिकारी मनीष कुमार ने कार्रवाई करते हुए रूपमाला देवी, लालबाबू पासवान और मोहम्मद रिजवान के विरुद्ध ढाका थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
जांच के दायरे में आ सकते हैं अधिकारी-कर्मी
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने लालबाबू पासवान को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उप विकास आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया है कि पुलिस अनुसंधान में किसी सरकारी कर्मचारी या तकनीकी अधिकारी की संलिप्तता अथवा लापरवाही सामने आने पर उसके विरुद्ध भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने प्रखंड के संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को कार्यस्थलों पर जाकर मजदूरों की डिजिटल उपस्थिति का नियमित भौतिक सत्यापन करने का निर्देश दिया है।
सरकारी राशि के गबन में संलिप्त लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। मनरेगा योजनाओं में गड़बड़ी सामने आने के बाद विभिन्न क्षेत्रों में जांच के निर्देश दिए गए हैं। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। - विजय कुमार, एसडीओ, सिकरहना
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