दरभंगा । शहर के दिग्घी पश्चिमी मोहल्ला में शनिवार को वेल्डिग करने के दौरान करंट लगने से मिस्त्री गांधीनगर कटरिया निवासी मो. अकबर की मौत के बाद लोगों ने जमकर हंगामा किया। इस दौरान घटनास्थल से सटे मरम्मत कार्य में चल रहे एक निजी अस्पताल पर जमकर बवाल काटा। लोगों का आरोप था कि अस्पताल ने मरीज को भर्ती नहीं किया। जबकि, अस्पताल प्रबंधन ने साफ किया कि अस्पताल में तत्काल इलाज बंद है। वहां मरम्मत का काम चल रहा है।

इस बीच घटना की प्रारंभिक सूचना पर पहुंची एक महिला दारोगा ने मौके पर मौजूद लोगों को जमकर हड़काया। इसके बाद लोग नाराज हो गए। इस दौरान कई स्वास्थ्य कर्मियों के साथ भी दु‌र्व्यवहार हुआ। अनियंत्रित भीड़ को संभालने के लिए मौके पर पहुंचे नगर थानाध्यक्ष राकेश सिंह, विश्वविद्यालय थानाध्यक्ष सत्याप्रकाश झा और कोतवाली ओपी के पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। लोगों को समझाने की कोशिश की। लेकिन, लोग इस मामले में दोषी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग पर अड़े रहे।

बताया गया है कि मोहल्ले में मीठी जेनरल स्टोर नामक दुकान में काम चल रहा था। मो. अकबर वेल्डिग का काम कर रहा था। इस दौरान अचानक उसे करंट लगी। वह सामने स्थित निजी अस्पताल में गया, जहां बताया गया है अस्पताल में मरम्मत कार्य चल रहा है। इलाज संभव नहीं है। यहां से लोग युवक को लेकर अललपट्टी स्थित दूसरे निजी अस्पताल में गए, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद लोग वहां से शव लेकर लौट आए और घटनास्थल के पास शव के साथ बैठ गए। सूचना फैलने के साथ लोगों की भीड़ जमा हो गई। भीड़ ने कार्रवाई की मांग को ले हंगामा शुरू कर दिया। भीड़ में शामिल कतिपय तत्वों ने निजी अस्पताल में तोड़-फोड़ भी की। इस दौरान कोतवाली ओपी की एक महिला दारोगा पहुंची। उनके आने के बाद भीड़ और उग्र हो गई। फिर बाद में पहुंचे पुलिस अधिकारी भीड़ को शांत कराने में लगे हैं। समाचार प्रेषण तक शव रख लोग प्रदर्शन कर रहे थे।

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