दरभंगा। थाना क्षेत्र के ओझौल गांव के धरमपुर पोखर की उड़ाही में निकली प्राचीन प्रतिमाओं को ग्रामीणों ने एक वर्ष के बाद संग्रहालय को सौंप दिया। महाराजाधिराज लक्ष्मीश्वर सिंह संग्रहालय के संग्रहालयाध्यक्ष डॉ. शिव कुमार मिश्र अपने सहयोगियों डॉ. सुशांत कुमार, चंद्र प्रकाश, मुरारी कुमार झा, संतोष तथा सुरक्षाकर्मी अरविद कुमार के साथ ओझौल ब्रह्मस्थान पहुंच कर प्रतिमा प्राप्त की। मौके पर ग्रामीण मनोज कुमार सिंह, राम कुमार मिश्र, चंद्रशेखर सिंह, ललित झा, उदन झा, दुर्गानंद मिश्र, लड्डू झा, काशी झा, पवन कुमार चौधरी सहित कई लोग उपस्थित थे। संग्रहालयाध्यक्ष मिश्र ने कहा कि राज्य के धरोहर प्रेमियों के लिए एक अत्यंत ही सुखद सूचना है कि राज्य सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग द्वारा चलाए जा रहे धरोहर संरक्षण जागरूकता अभियान के चलते आम लोग अपने धरोहर की सुरक्षा के प्रति जागरूक हो रहे हैं। धरोहर संरक्षण जागरूकता अभियान विगत दो वर्षों से चलाया जा रहा है। इसमें ओझौल गांव के निवासियों ने दुर्लभ धरोहर सुरक्षा के निमित्त संग्रहालय को सौंपा है, जो अनुकरणीय एवं सराहनीय कदम है। 18 जून 2018 को ओझौल गांव के धरमपुर पोखर की उड़ाही में विष्णु की दो प्राचीन प्रतिमाएं मिली थी। एक प्रतिमा चांडी गांव में स्थापित कर पूजा पाठ शुरू कर दिया गया, जबकि दूसरी प्रतिमा ओझौल ब्रह्मस्थान में स्थापित कर दी गई थी। तीसरी कलात्मक शिलाखंड मिली थी जो तारलाही के शिव मंदिर में रखी गई थी। इस पर मिथिला चित्रकारी के प्राचीन स्वरुप का अंकन है। जो पुलिस प्रशासन के प्रयास के बावजूद लोगों ने समर्पित करने को तैयार नहीं थे। कहा कि समाजसेवी मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रतिमा की सुरक्षा के लिए संग्रहालय में रखने का निर्णय लिया और आज प्रतिमाएं को सौंप दिया।

Posted By: Jagran

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