यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 28, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
फाइनेंस कंपनी कर्मी से 13.38 लाख लूट मामले में दो पकड़ाए
बहादुरपुर थाना क्षेत्र के एकमी स्थित राजेंद्रनगर मोहल्ले में 13 जून 2019 को भारत फाइनेंस इंक्लूजन प्राइवेट लिमिटेड के कर्मी ...और पढ़ें

दरभंगा । बहादुरपुर थाना क्षेत्र के एकमी स्थित राजेंद्रनगर मोहल्ले में 13 जून 2019 को भारत फाइनेंस इंक्लूजन प्राइवेट लिमिटेड के कर्मी से 13.38 लाख की लूट में पुलिस ने लाइनर सहित दो बदमाशों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का उद्भेदन कर दिया है। गिरफ्त में आए कंपनी के कर्मी प्रदीप कुमार ने लूट में लाइनर का काम किया था। वह समस्तीपुर जिले के मुफस्सिल थाने के विशनपुर बांदे निवासी सत्यनारायण महतो का पुत्र है। गिरफ्तार बदमाश रंधीर कुमार उर्फ मुकेश समस्तीपुर जिले के मथुरापुर ओपी के सारी गांव निवासी सुरेंद्र कुमार सिंह का पुत्र है। इसके पास से लूट के दस हजार दो सौ रुपये बरामद किए गए हैं। नगर एसपी योगेंद्र कुमार ने बताया कि फाइनेंस कंपनी के कर्मी प्रदीप ने लोन पर बाइक ले रखी है। इसे चुकता करने के लिए उसने घटना को अंजाम देने की साजिश रची। कुछ दिनों पहले जेल से बाहर आए रंधीर से उसकी मुलाकात हुई। इसमें प्रदीप ने रंधीर के माध्यम से अपने गांव के रामदेव महतो के पुत्र सुमित कुमार और मुजफ्फरपुर जिले के अहियापुर थाने के कुल्लहुआ पैगम्बरपुर गांव निवासी दिलीप सिंह के पुत्र बिट्टू कुमार, रूपलाल सहनी के पुत्र चंद्रशेखर कुमार और शिवजी साह के पुत्र प्रेम कुमार को भी शामिल कर घटना को अंजाम दिया। इन लोगों ने 18 जून को मुजफ्फरपुर के अहियापुर में घटना को अंजाम दिया। इसके बाद 22 जून को समस्तीपुर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में घटना को अंजाम देने की साजिश रची। इस बीच वहां की पुलिस ने बिट्टू, चंद्रशेखर, प्रेमा और सुमित को दबोच लिया। नगर एसपी कुमार ने बताया कि फिलहाल ये लोग मुजफ्फरपुर जेल में हैं, जिसे रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। गिरफ्तार किए गए बदमाश रंधीर ने बताया लूट के बाद उसे 50 हजार रुपये हिस्सा में दिया गया। जिसमें खर्च करने के बाद उसके पास दस हजार दो सौ रुपये बचा है। पूछताछ में रंधीर और प्रदीप ने बताया कि घटना को अंजाम देने के लिए दोनों ने नया मोबाइल और सिम लिया था। काम होने के बाद उस सिम को तोड़कर फेंक दिया। लेकिन, अनुसंधान में पहले रंधीर का नाम आया और फिर उसे दबोचने के बाद प्रदीप को पकड़ा गया।
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लूट की राशि से करता है शराब कारोबार :
अनुसंधान से यह पता चला है कि यह गिरोह लूट की राशि से शराब कारोबार करता है। गिरोह का सरगना अब भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। उसे गिरफ्तार करने के लिए दरभंगा सहित कई जिले की पुलिस छापेमारी में जुटी है। लूट की मोटी राशि उसके पास होने की बात कही गई है। हालांकि, फिलहाल वह कहां और कौन है यह बताने से पुलिस परहेज कर रही है। नगर एसपी ने बताया बहुत जल्द वह पुलिस गिरफ्त में होगा।
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कई कर्मियों का आचरण पाया गया संदिग्ध :
बहादुरपुर थाने क्षेत्र के एकमी स्थित राजेंद्रनगर मोहल्ले में संचालित भारत फाइनेंस इंक्लूजन प्राइवेट लिमिटेड कार्यालय के कई कर्मियों के आचरण को संदिग्ध पाया गया है। पुलिस को जब कार्यालय कर्मी पर शक हुआ तो सभी का नाम और पता लेकर उनके आचरण का सत्यापन कराया। जिसमें पांच कर्मियों पर आपराधिक मुकदमा पाया गया। बिना आचरण सत्यापन कराए कंपनी इन लोगों को अपने कार्यालय का कर्मी कैसे बनाया इसकी अलग से जांच की जा रही है। कंपनी के अधिकारियों को भी बुलाया गया है।
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ऐसे हुई थी घटना :
दरभंगा-समस्तीपुर पथ के एकमी स्थित राजेंद्रनगर मोहल्ले में संचालित भारत फाइनेंस इंक्लूजन प्राइवेट लिमिटेड शाखा के बिजनेस क्रेडिट मैनेजर व मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर के बच्चा चौरसिया के पुत्र राजीव रंजन अपने सहयोगी वैशाली के गोरौल निवासी राजेंद्र महतो के पुत्र अरविद कुमार के साथ 13.38 लाख रुपये कार्यालय से लेकर लहेरियासराय स्थित पीएनबी शाखा में जमा करने जा रहे थे। राजीव रंजन रुपये से भरा बैग लेकर बाइक चला रहे अरविद के पीछे बैठे। दस कदम आगे बढ़ते ही पल्सर सवार दो बदमाशों ने ओवरटेक कर पिस्टल सटा दिया। बदमाशों ने कहा कि हल्ला किया तो समझो जान गई। राजीव रंजन डर गया और रुपये से भरा बैग दे दिया। बैग लेने के बाद दोनों बदमाश लहेरियासराय की ओर फरार हो गए। दोनों कर्मी अपने कार्यालय पहुंचे और घटना की जानकारी दी।
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