दरभंगा। ईद-उल-अजहा त्याग बलिदान एवं अपने रब के सामने इच्छाओं को समर्पण करने का दिन है। इसकी खुशी इसी में है कि लोग अपने रब की कही कितनी बातों पर अमल करता है। जानवरों की कुर्बानी तो प्रतीकात्मक है। अल्लाह को न तो कुर्बान करने वाले जानवर का खून पहुंचता है और न ही इसका गोश्त। कुर्बानी का असल मकसद तब पूरा होगा जब लोग स्वेच्छा से बिना किसी दिखावे के अपने धन एवं माल को अल्लाह की राह में कुर्बान करें। उक्त बातें मौलाना अहमद हुसैन कासमी ने नमाज से पहले तकरीर में कहीं। इससे पहले सुबह से ही बूढ़े बच्चे और जवान सभी नमाज की तैयारी में लगे थे। नए एवं साफ कपड़े पहनकर खुशबू लगाकर लोगों के कदम ईदगाह एवं मस्जिदों की ओर तेजी से बढ़ रहे थे। सभी को जल्दी थी कि नमाज के लिए इमाम के बाद वाली पंक्ति में जगह मिले। लेकिन कुछ ही ऐसे खुशनसीब थे जो अगली पंक्ति में स्थान पाने में कामयाब हुए। नमाज के लिए बच्चों में खुशी का ठिकाना न था। खुशी से चहकते बच्चे को तो बस नमाज अदा करने की जल्दी थी। क्योंकि उन्हें जानवरों की कुर्बानी होते हुए देखना था। इससे भी पहले अपने सगे-संबंधियों से मिले ईदी के पैसे को खर्च करने की भी जल्दी थी। यही कारण था कि मस्जिद एवं ईदगाहों के निकट लगे खिलौने एवं मिठाइयों की दुकानों पर नमाज पूरी होते ही बच्चों की भीड़ लग गई। किसी को अपने लिए खिलौना खरीदना था तो किसी को अपने दोस्त को गिफ्ट देने के लिए। कई ऐसे बच्चे भी थे जो अपने छोटे भाई बहन के लिए भी ईदगाह से लौटते वक्त तोहफा साथ ले जाना चाह रहे थे। बच्चों के साथ आए बड़े भी इनकी खरीदारी को जल्द से जल्द पूरा कराने की कोशिश में लगे थे। इन्हें भी घर पहुंच कर जल्द से जल्द अपने जानवरों की कुर्बानी करनी थी और अल्लाह के अहम अहकाम को पूरा करना था। शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों की विभिन्न मस्जिदों एवं ईदगाहों में सुबह 7 बजे से 8:30 बजे तक नमाज अदा करने के लिए समय निर्धारित था। इस्माइलगंज ईदगाह, किलाघाट मदरसा हमीदिया, जेठियाही मस्जिद, मोहल्ला चकजोहरा सल्फीया, प्रेम जीवर मस्जिद, बाकरगंज जामा मस्जिद, कटकी बाजार जामा मस्जिद दरभंगा टावर सांड का समर्थन दिया वाजिदपुर महदौली ईदगाह, लालबाग जामा मस्जिद, मिर्जा का तालाब ईदगाह, मीरगयासचक मस्जिद, बेला नवागाढी टाउन थाना मस्जिद झगरूआ मस्जिद आदि स्थानों पर ईद उल अजहा की नमाज अदा की गई। फिर चला कुर्बानी के गोश्त का तोहफा बांटने और खाने खिलाने का दौर। यह देर रात तक जारी रहा।

Posted By: Jagran