दरभंगा। जदयू के प्रदेश प्रवक्ता अर¨वद निषाद ने सूबे में आपराधिक घटनाओं पर राजद के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव लालू- राबड़ी शासनकाल के अपराध आंकड़े झांकें। हाईकोर्ट ने उनके शासनकाल को जंगलराज की संज्ञा दी थी। नीतीश कुमार ने जबसे शासन की बागडोर संभाली, आपराधिक घटनाओं में कमी आई है। जो भी घटनाएं होती हैं, उस पर तुरंत एक्शन लिया जाता है। वे पार्टी कार्यालय में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नक्सली घटनाओं में भी कमी आई है। इसको लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य सरकार के कामकाज की प्रशंसा की है। दरभंगा जिले में अपराध का आंकड़ा प्रस्तुत करते हुए उन्होंने कहा कि लालू- राबड़ी के शासनकाल (1990-2005) में फिरौती के लिए अपहरण के 35 मामले दर्ज किए गए थे जबकि नीतीश कुमार के शासनकाल (2006-18) में 15 मामले दर्ज हुए। शराबबंदी के बाद महिलाओं के साथ अपराध के मामले में भी कमी आई है। दहेज हत्या में 20.14 प्रतिशत की कमी आई है। अप्रैल 2014 से मार्च 2015 तक महिलाओं के विरुद्ध अपराध व दहेज हत्या के क्रमश: 1074 व 49 मामले दर्ज किए गए थे। शराबबंदी के बाद अप्रैल 2016 से मार्च 2018 तक महिलाओं के विरुद्ध अपराध व दहेज हत्या के क्रमश: 1040 व 39 मामले दर्ज हुए। उक्त दोनों मामलों में क्रमश: 3.17 प्रतिशत व 20.41 प्रतिशत की कमी आई। प्रदेश प्रवक्ता ने कहा अपराध को लेकर सरकार व प्रशासन पूरी तरह से गंभीर है।

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केंद्र से ध्यान देने का किया अनुरोध : पेट्रोलियम पदार्थों के मूल्यों में वृद्धि पर अर¨वद ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के मूल्यों में हो रही उछाल के कारण इनकी कीमतों में वृद्धि हो रही है। पेट्रोलियम पदार्थों से जुड़ी कंपनियां स्वयं मूल्य कर रही हैं। हमारी पार्टी ने इसको लेकर सवाल उठाया है। केंद्र सरकार से इस पर ध्यान देने का आग्रह किया है ताकि गरीब राहत मिले। इसको लेकर कांग्रेस के कल के भारत बंद पर उन्होंने कहा कि हर पार्टी को जनता से जुड़े मुद्दों व सरकार की नीतियों के विरोध में आंदोलन करने को लोकतांत्रिक अधिकार है।

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महिलाओं के हितों को लेकर सरकार संजीदा : जन अधिकार पार्टी के संरक्षक व सांसद पप्पू यादव की नारी बचाओ पदयात्रा पर उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार महिलाओं के हितों को लेकर काफी संजीदा है। हाल के महीनों में सूबे के विभिन्न हिस्सों में घटित आपराधिक घटनाओं के पीछे एक दल विशेष के लोगों का हाथ सामने आया है। मुजफ्फरपुर सेल्टर हाउस मामले की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआइ कर रही है। आंदोलन कोई कर सकता है। सवर्णों के हितों को ध्यान में रखते हुए नीतीश सरकार ने सवर्ण आयोग का गठन किया था। आयोग की अनुशंसा के आलोक में सवर्ण छात्र व छात्राओं के लिए छात्रवृति, पोशाक, साइकिल, बेहतर शिक्षा के लिए ऋण आदि का प्रावधान किया गया है। सरकार सवर्णों के हितों को लेकर संवेदनशील है। प्रेस कांफ्रेंस में जिलाध्यक्ष सुनील भारती, जिला प्रवक्ता मो. एजाज अहमद खां रूमी, दीदार हुसैन चांद, प्रो. मधुरंजन, कन्हैया प्रसाद साह, इश्मत जहां, र¨वद्र यादव, रौशन महतो, प्रभात झा आदि थे।

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Posted By: Jagran