दरभंगा। विद्यार्थी जीवन में किसी प्रकार के भेदभाव, जातिवाद और संप्रदायवाद का कोई स्थान नहीं है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी पूरी ¨जदगी में कभी भेदभाव की राजनीति नहीं की। जेपी आंदोलन में हर जाति-धर्म के छात्रों ने भाग लिया और तब संपूर्ण क्रांति का नारा बुलंद हुआ। सीएम भी उस आंदोलन का हिस्सा रहे, सक्रिय भागीदार रहे, जेल गए, संघर्ष किया। उनकी पूरी राजनीति का मकसद ही समाज के अंतिम व्यक्ति को विकास की मुख्य धारा में शामिल करना है।छात्र जदयू के सम्मेलन में विधान पार्षद सह छात्र जदयू के प्रदेश प्रभारी डॉ. रणवीर रंजन ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि आज बिहार में बदली शिक्षा व्यवस्था का ही फल है कि बिहार से पलायन रुक गया है। छात्र न सिर्फ अपने कॅरियर पर ध्यान दे पा रहे हैं बल्कि अपनी सामाजिक जिम्मेदारी भी समझ रहे हैं। कैंपस में रुकी हुई छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया भी मुख्यमंत्री ने शुरू कराई। लेकिन 2005 से पहले यह स्थिति नहीं थी। तब न सत्र समय पर चलता था और न ही कैंपस में पढ़ाई का माहौल था। लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने व्यवस्था बदल दी है। छात्रों की सहूलियत के लिए तीन नए विश्वविद्यालय बने। छात्र जदयू के प्रदेश अध्यक्ष श्याम पटेल ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में जो कार्य हुए हैं वे समाज के हर वर्ग और हर उम्र के व्यक्ति के लिए हुए हैं। छात्र, युवा, व्यस्क, बुजुर्ग और महिलाओं सभी के विकास की योजनाएं बनाई हैं। बिहार सरकार इन योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है। मौके पर वसी उल्लाह अंसारी, दीपक मंडल, उत्तम पांडेय, गौरव राणा, शरबत परवीन, डॉ. अमित चौधरी, विकास यादव, सदाब आलम, अंकित तिवारी, प्रिया सिन्हा आदि ने विचार रखे। अध्यक्षता आसिफ कमाल, डॉ. अशोक कुमार ¨सह, डॉ. जोहा सिद्दीकी ने संयुक्त रूप से किया। संचालन कमलेश पांडेय ने किया।

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