दरभंगा। सदर थाने क्षेत्र के रानीपुर स्थित एनएच 57 पर 22 दिसंबर को दिनदहाड़े एसके कंस्ट्रक्शन के मालिक कुशेश्वर प्रसाद शाही उर्फ गोरे शाही (48) की हुई हत्या मामले गिरफ्तार किए गए शुभम राय उर्फ गोलू रेकी करने का काम किया था। वह मुजफ्फरपुर जिले के कांटी थाने के वृजलाल साइन गांव निवासी अशोक ठाकुर का पुत्र है। एसएसपी बाबू राम ने उसे गिरफ्तार कर पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया है। हालांकि, अभी तक इस मामले में न तो शूटर की गिरफ्तारी हुई है और न ही साजिश कर्ता की। लेकिन, पुलिस ने दावा किया है कि बहुत जल्द सभी सलाखों के पीछे होगा। एसएसपी बाबू राम ने कहा कि ठेकेदार शाही की हत्या की साजिश कोई गैर नहीं बल्कि, उनकी दूसरी पत्नी सिम्पी शिखा का अपहरण करने वाला आरोपित व सीतामढ़ी जिले के रुन्नीसैदपुर थाने क्षेत्र के रैन विशुनी पंचायत के मुखिया नीरज ¨सह ने रची थी। इस घटना को कुल नौ लोगों ने मिलकर अंजाम दिया था। इसमें एक स्कार्पियो, एक कार, अपाची बाइक सहित छह पिस्टल का उपयोग किया गया था। उन्होंने बताया कि मुखिया ने ठेकेदार की हत्या करने के लिए 15 लाख में सुपारी दी थी। जिसमें पांच लाख रुपये उसने एडवांस दिया था। एसएसपी ने बताया कि रेकी करने के आरोप पकड़े गए शुभम राज उर्फ गोलू शातिर बदमाश है। हत्या, लूट, डकैती सहित कई मामले दर्ज हैं। वर्ष 2015 में उसने एक व्यक्ति की हत्या गला काटकर कर दी

थी। इस मामले में उसके चाचा रूपेश ठाकुर ने उसे अपने दोस्त व मुजफ्फरपुर के हथौड़ी थाने क्षेत्र के रामपुर उत्तरी गांव निवासी गो¨वद शाही के यहां काफी दिनों तक छिपाकर रखने का काम किया था। इस दौरान उसकी दोस्ती गो¨वद शाही से हो गई। इधर, मुखिया नीरज के सहयोगी भोला ¨सह के रिश्तेदार गो¨वद शाही थे। तीनों शराब कारोबार में पार्टनर हैं। इसी के तहत इन तीनों से शुभम राज उर्फ गोलू और उनके चाचा रूपेश ठाकुर भी जुड़ गए। गो¨वद शाही के माध्यम से नीरज ने छह माह पूर्व रूपेश ठाकुर को 15 लाख रुपये सुपारी दी। जिसमें पांच लाख रुपये एडवांस दिया। एक लाख रुपये शुभम राज उर्फ गोलू को मदद करने के लिए दिया गया। लेकिन, काम नहीं होने पर रुपये वापस करने और देख लेने की धमकी नीरज ने दी। इसके बाद ये लोग 14 और 20 दिसंबर को गो¨वद ¨सह अपनी अपाची बाइक से शुभम राज उर्फ गोलू को लेकर रेकी की। इस बीच मुखिया के घर तीन दिनों तक सभी जुटे रहे। प्लान के अनकुल भोला ¨सह और रूपेश ठाकुर के अलावा सीतामढ़ी जिले रुन्नीसैदपुर थाने के गयघट गांव निवासी ¨प्रस, सोनू, रुपेश ¨सह और मुखिया नीरज के गांव के अंकित नामक शख्स घटना को अंजाम देने के लिए दरभंगा पहुंचे। इन सभी को मुखिया ने छह पिस्टल और कारतूस उपलब्ध कराया। शुभम राज उर्फ गोलू और गो¨वद शाही को रेकी कर लोकेशन बताने की जिम्मेवारी दी गई। ये दोनों बाइक ठेकेदार के बंगाली टोला स्थित आवास पर पहुंच गए। जबकि, अन्य छह इंडिका कार से ठेकेदार का इंतजार फोरलेन पर कर रहे थे। लाइन मिलते ही सभी घटना को अंजाम देकर मुखिया के घर पहुंचे और वहां रुपये लेकर सभी फरार हो गए। एसएसपी राम ने बताया कि मामले में सभी फरार आरोपित को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि जांच में ठेकेदार की दूसरी पत्नी की संलिप्तता अभी तक सामने नहीं आई है। लेकिन, अनुसंधान जारी है।

Posted By: Jagran

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