दरभंगा। दूरस्थ शिक्षा निदेशालय द्वारा संचालित बीएड नियमित में नामांकित सत्र 2021-23 एवं सत्र 2020 के छात्र-छात्राओं का गुरुवार को दीक्षारंभ एवं वर्गारंभ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने कहा कि राष्ट्र के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अहम है। किसी भी ज्ञान को यूं ही स्वीकार नहीं कर लेना चाहिए, पहले उसे अपने अनुभव की कसौटी पर परखना चाहिए। फिर उसे स्वीकार करना चाहिए। चाहे वह ज्ञान शिक्षक द्वारा ही क्यों न दिया गया हो । सर्जना तभी हो सकती है, जब हम स्कूलों से ही सृजनात्मकता का विकास कर सकेंगे। इसके लिए शिक्षक को स्वयं सृजनात्मक होना पड़ेगा। सफल शिक्षक बनने के लिए परिश्रम के अलावा धैर्य की आवश्यकता होती है।

विशिष्ट अतिथि के रूप में कुलसचिव प्रो. मुश्ताक अहमद ने कहा कि आत्मबल और सकारात्मक सोच वाले शिक्षक ही देश-समाज को प्रगति के पथ पर ले जा सकते हैं। इसमें कोई शक नहीं कि बीएड नियमित में बहुत अच्छी शिक्षा दी जाती है। छात्रों के शिक्षण कौशल को निखारा जाता है। दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के निदेशक प्रो. अशोक कुमार मेहता ने कहा कि श्रेष्ठ नेतृत्व से अधीनस्थों में भी श्रेष्ठता आती है। इसलिए श्रेष्ठ बनाने का प्रयास करना चाहिए। शिक्षक के लिए तो यह परम आवश्यक है।

बीएड नियमित के विभागाध्यक्ष डा. अरविद कुमार मिलन ने कहा कि जिस विभाग में आपने नामांकन लिया है वह सिर्फ संस्थान ही नहीं एक विचार है। शिक्षक न केवल अपने विचारों से बल्कि कर्मों से भी प्रेरित करता है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा लड़कियों को 35 फीसद आरक्षण के कारण इस वर्ष निर्धारित 100 सीटों पर 67 लड़कियों का नामांकन हुआ है। अगले कुछ वर्षों में विश्वविद्यालय और कालेजों में छात्रों की संख्या में परिवर्तन देखने को मिलेगा। धन्यवाद ज्ञापन मिर्जा रूहुल्लाह बेग ने किया। मंच संचालन डा. रेशमा तबस्सुम ने किया। दीक्षारंभ एवं वर्गारंभ कार्यक्रम में बीएड नियमित के छात्र-छात्राएं, शिक्षक एवं कर्मचारीगण उपस्थित थे।

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Edited By: Jagran