दरभंगा। जहां सैकड़ों लोग अपना इलाज कराने के लिए पहुंचते हैं। कुशेश्वरस्थान पूर्वी प्रखंड का वह इकलौता प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुद इलाज के लिए मोहताज है। जिससे यहां इलाज कराने के लिए आए लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बता दें कि लगभग पांच वर्षों से बरसात के मौसम में स्थानीय बाजार के नाले का गंदा पानी इस पीएचसी परिसर में जमा हो जाता है। प्रत्येक वर्ष बरसात के बाद जनसहयोग से पंपसेट लगाकर इसमें जमा पानी को निकाला जाता है। तब तक स्थानीय पीएचसी को प्रखंड मुख्यालय स्थित बाढ़ शरणस्थली भवन के लगभग पांच कमरों में इसे चलाया जाता है। इस समस्या के निदान को लेकर तत्कालीन प्रभारी मंत्री एवं तत्कालीन जिलाधिकारी ने यहां पहुंचकर पीएचसी का जायजा लिया था और जल्द ही इस समस्या से निपटने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद आज तक इस पीएचसी में हो रहे जलजमाव की समस्या जस की तस बनी हुई है। बताते हैं कि यहां पीएचसी के भूमि को विवाद को लेकर नाला निर्माण कंपनी के ठेकेदार ने स्थानीय पीएचसी के पास ही नाला को अधूरा छोड़ दिया। जिसके कारण बाजार के नाले का सारा पानी यहां जमा हो जाता है और पीएचसी में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है। जब तक यहां के नाले को पूर्ण रूप से तैयार नहीं की जाती, तब तक पीएचसी में जलजमाव की समस्या नहीं समाप्त हो सकती है। पीएचसी के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. भगवान दास बताते हैं कि जलजमाव की समस्या को लेकर कई बार संबधित विभाग को पत्र लिखा गया। लेकिन अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई इस संबंध में नही की गई है।

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