दरभंगा। आक्रोशित छात्रों ने लनामिविवि के अध्यक्ष छात्र कल्याण डॉ. भोला चौरसिया को शुक्रवार को अपने कार्यालय में करीब चार घंटे तक बंधक बनाकर रखा। बाद में विश्वविद्यालय थाना से पर्याप्त संख्या में पुलिस बल को बुलाकर डीएसडब्ल्यू को मुक्त कराया गया। छात्र स्नातकोत्तर में नामांकन में बेतहाशा फीस में वृद्धि, नामांकन रोस्टर में व्यापक गड़बड़ी एवं डिग्री थ्री का परीक्षाफल प्रकाशित करने आदि मांगों को लेकर काफी आक्रोशित थे। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे मयंक कुमार यादव, मुकुल राज, लाल कुमार, मृत्युंजय कुमार, अरुण कुमार यादव, राहुल राज, त्रिभुवन कुमार निरूपम कुमार, बबलू कुमार आदि का कहना था कि विवि थानाध्यक्ष द्वारा वार्ता के लिए आश्वासन देने पर डीएसडब्ल्यू को बाहर जाने दिया गया। फिर भी उन लोगों के साथ विवि प्रशासन ने वार्ता नहीं की। लगता है पुलिसिया ताकत के बल पर विवि प्रशासन छात्र आंदोलन को दबाना चाह रही है। लेकिन, छात्र इस सबसे डरने वाले नहीं हैं। वे लोग कार्यालय बंद होने तक वीसी कार्यालय के नजदीक बैठ कर नारेबाजी करते रहे। फिर भी उन लोगों के साथ कोई वार्ता नहीं हुई। अध्यक्ष छात्र कल्याण डॉ. भोला चौरसिया ने बताया कि कुछ छात्र फीस में वृद्धि एवं पीजी में सुविधा के हिसाब नामांकन नहीं होने से आक्रोशित थे। वे लोग आते ही उनके कार्यालय में ताला लगा दिया। बाद में वे निकलकर वीसी से मिले। उन्होंने स्पष्ट कहा कि फीस का निर्धारण विश्वविद्यालय ने नहीं किया है। रही सुविधा के हिसाब से नामांकन की बात उस पर विचार किया जाएगा। फिलवक्त तो विवि प्रशासन ने समग्र ²ष्टिकोण अपना कर मेधा सूची प्रकाशित की है। इस संबंध में वीसी को विश्वविद्यालय छात्र संघ के प्रतिनिधियों से बात हुई है। जिसमें नामांकन शुल्क आदि के विषय में विवि की विवशता से उन्हें अवगत करा दिया गया है। वहीं डीएसडब्ल्यू को अपने कार्यालय में घंटों बंद कर रखने वाले छात्रों का कहना है कि अगर उनकी मांग पर विचार नहीं किया गया तो वे लोग और मजबूती के साथ आंदोलन करेंगे।

Posted By: Jagran