दरभंगा। अनलॉक-वन शुरू होने के बाद भी लोगों के जेहन में लॉकडाउन का दर्द कायम है। दो महीनों तक जिदगी ठहर सी गई थी। ऐसी स्थिति में पुलिस की जवाबदेही भी अधिक थी। लॉकडाउन तोड़ने वालों पर कार्रवाई करने के लिए पुलिस रात-दिन एक कर मेहनत की। बावजूद, लोगों ने जमकर कानून तोड़ने का काम किया। नतीजा, पुलिस दोषियों पर जमकर प्राथमिकी ही दर्ज नहीं की बल्कि, दनादन चलान काटकर एक करोड़ से अधिक रुपये जुर्माना भी वसूले। लॉकडाउन से आम लोग ही बेहाल नहीं थे बल्कि, सरकार के कई विभागों को राजस्व आना बंद था। ऐसी स्थिति में दरभंगा पुलिस की सख्ती के वजह से सरकारी खजाना मालामाल हो गया। 23 मार्च से 24 अप्रैल तक 57 सौ वाहनों को पुलिस ने ट्रैफिक नियम के उल्लंघन में पकड़ा, जिससे 56 लाख 83 हजार रुपये जुर्माना वसूले गए। इसमें ट्रैफिक पुलिस ने 795 वाहनों से छह लाख 54 हजार पांच सौ रुपये जुर्माना वसूले। यह जुर्माना अपने आप में एक रिकॉर्ड है। इस तरह की सख्ती और वसूले गए जुर्माना पिछले कई वर्षों में कभी देखने को नहीं मिला। 25 अप्रैल से मई माह तक में जुर्माना राशि का आंकड़ा बढ़कर करोड़ को पार कर गया। पुलिस ने मात्र 68 दिनों में एक करोड़ 20 लाख रुपये से अधिक का चालान काटकर अपना रिकार्ड बना लिया है। चालान बढ़ने का मुख्य कारण लॉकडाउन का सही से पालन नहीं करना बताया जा रहा है। यही कारण है कि ट्रैफिक पुलिस सहित जिले के विभिन्न थाना और ओपी पुलिस ने इसे गंभीरता से लिया और दनादन हेलमेट, लाइसेंस, थ्री राइडिग, लॉकडाउन तोड़ने, बीमा ना होने पर चालान काटने का काम किया। पुलिस ने अचानक दस अप्रैल से अपनी गतिविधि तेज कर दी। इससे पहले कार्रवाई की जद में सौ से कम वाहन थे। लेकिन, अचानक सौ से बढ़कर साढ़े चार सौ वाहन तक पहुंच गए। इससे राजस्व में वृद्धि होने लगी। एक दिन में दो से पांच लाख रुपये के बीच तक जुर्माना वूसले गए। पुलिस का कहना है कि सबकुछ बंद रहने पर भी लोगों ने जमकर कानून तोड़ने काम किया। जिससे सिर्फ जुर्माना ही नहीं वसूले गए बल्कि, जिले में 70 वाहनों को जब्त कर मालिकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। जबकि, लॉकडाउन के उल्लंघन में 122 से अधिक प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। इसमें सिर्फ लहेरियासराय थाना में 34 प्राथमिकी दर्ज है। इन सभी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 188 के अंतर्गत दंडित किया गया है। लॉकडाउन से पहले इस तरह की कार्रवाई पुलिस ने कभी नहीं की। हालांकि, पूरे लॉकडाउन के अवधि में सामान्य परिस्थितियों में होने वाले अपराध के आंकड़े में काफी कमी आई है। फिरौती और डकैती की कोई घटनाएं नहीं घटी है। मिथिला क्षेत्र के दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर जिले में साधारण अपहरण मामले में अप्रैल माह में मात्र 14 घटनाएं घटी है। गृहभेदन और चोरी में क्रमश: 23 और 42 घटनाएं घटी। जो पूर्व के माहों से काफी कम है। वाहन चोरी की घटनाओं में मार्च माह में 99 घटनाएं घटी, जबकि, अप्रैल माह में मात्र 27 घटनाएं घटी। हालांकि, हत्या के आंकड़े में एक की वृद्धि हुई है। तीनों जिले में फरवरी में 14, मार्च में 15 और अप्रैल में 16 लोगों की हत्या हुई है। इसमें दहेज हत्या, आत्महत्या की संख्या अधिक है। समान्य केसस में भी काफी कमी आई है। मार्च माह में जहां 1782 मामले दर्ज किए गए। वहीं अप्रैल माह में 1311 मामले दर्ज किए गए। एसएसपी बाबू राम ने बताया कि जिले में लॉकडाउन कारगर रहा। दोषियों के खिलाफ न्यायालय में जल्द आरोप पत्र समर्पित करने का आदेश दिया गया है। ताकि, सभी दोषियों पर जल्द से जल्द अंतिम कार्रवाई की जाए।

Posted By: Jagran

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