दरभंगा। हायाघाट थाना क्षेत्र के घोसरामा गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 6 उस वक्त अफरा-तफरी मच गई तब थानाध्यक्ष दिलीप कुमार पाठक दल-बल के साथ उक्त केंद्र को खाली कराने पहुंचे। इसके विरोध में स्थानीय लोग एकजुट हो गए। देखते ही देखते इलाका रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। पुलिस को बचाव के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। जवाब में ग्रामीणों ने पुलिस पर भी पथराव किया। मौके पर मौजूद महिला पुलिस कर्मी ने जान बचाने के लिए बगल के श्रवण ¨सह के घर में शरण ली। स्थिति बिगड़ती देख बीडीओ राकेश कुमार, सीओ विमल कुमार कर्ण के अलावा लहेरियासराय थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर रामकिशोर शर्मा, सदर इंस्पेक्टर शिवमुनि प्रसाद, बहादरपुर थानाध्यक्ष राजनारायण ¨सह, एपीएम थानाध्यक्ष शिव कुमार प्रसाद, बिशनपुर थानाध्यक्ष, फेकला ओपी और पतोर ओपी थानाध्यक्ष धीरेंद्र ¨सह सहित वज्र वाहन व रैपिड एक्शन फोर्स पहुंची। बताया जाता है कि कुछ स्थानीय लोगों ने अवैध रूप से आंगनबाड़ी केंद्र पर कब्जा जमा रखा है।

बुधवार को जैसे ही हायाघाट पुलिस प्रभारी सीआई ¨सहेश्वर पासवान व अंचल अमीन रतन कुमार कर्ण के साथ पहुंची। लोग इसके विरोध में उतर आए। थानाध्यक्ष पाठक की मानें तो नथुनी पासवान ने अपने ऊपर केरोसिन छिड़क कर अपने शरीर में आग लगाने की कोशिश की। लेकिन पुलिस ने उसे अपने कब्जे में ले लिया। जैसे ही पुलिस उसको साथ लेकर निकली, पुलिस व स्थानीय लोगों के बीच धक्का-मुक्की होने लगी। इस बीच किसी ने उक्त केंद्र के सामने अवस्थित एक झोपड़ी को आग के हवाले कर दिया। इधर, महिला पुलिस के साथ भी आक्रोशित लोगों ने धक्का मुक्की की। घटना की सूचना आग की तरह पूरे गांव में फैल गई। इधर घायल नथुनी पासवान का कहना था कि पुलिस ने ताबड़तोड़ उसपर लाठी बरसाई, जिससे वे बुरी तरह चोटिल हो गया। बीडीओ कुमार ने काफी मशक्कत के बाद चोटिल नथुनी पासवान को अपनी गाड़ी से बैठाकर पीएचसी में भर्ती कराया। सीओ विमल कुमार कर्ण ने बताया कि उक्त मामला सीडब्ल्यूजेसी से संबंधित है।

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Posted By: Jagran