दरभंगा। मकर संक्रांति का पर्व मंगलवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। इसको लेकर सोमवार को बाजार में लोगों की भीड़ रही। तिलकुट की दुकानों पर पूरे दिन लोग खरीदारी करते रहे। वहीं बाजार में जगह-जगह ठेलों पर लाई की बिक्री होती रही। कई लोग शुगर फ्री तिलकुट की खोज में भी जुटे रहे, लेकिन उन्हें निराशा मिली। मकर संक्रांति में चूड़ा-दही भोजन का विशेष महत्व होता है। इसको लेकर सोमवार को दूध काउंटरों पर भी लोगों की काफी भीड़ रही। वहीं दही की बिक्री भी जोरों पर रही। कई जगह तो शाम होते-होते दूध-दही के काउंटर खाली हो गए। मकर संक्रांति पर प्रवाहित जल में स्नान का विशेष महत्व होता है। मंगलवार को शहर के पूर्वी भाग में स्थित कमला व पश्चिम में बहने वाली बागमती नदी में स्नान को काफी लोग जुटते हैं। विशेषक बरहेता में बागमती व गौंसाघाट में कमला नदी में लोग स्नान करते हैं। स्थानीय स्तर पर लोगों ने घाटों की सफाई भी की। पंडित रामचंद्र झा ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन कुलदेवता को तिल-गुड़ का प्रसाद चढ़ाया जाता है जिसका वितरण घर के बड़े लोग करते हैं। रात में खिचड़ी खाने का भी रिवाज है। ग्रामीण इलाकों में मकर संक्रांति पर कई जगहों पर पतंगबाजी भी होती है। पं. झा ने बताया कि मकर संक्रांति के दिन दान का विशेष महत्व होता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन अन्न व वस्त्र का दान करने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है और दरिद्रता का नाश होता है।

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