दरभंगा। बाढ़ में सबकुछ डूबा है। घर-बार, खेत-खलिहान। सो, कई इलाकों के लोग घरों को छोड़कर बांध व सड़क किनारे या फिर अन्य ऊंचे स्थान पर शरणागत हैं। इन सबके बीच बाढ़ के पानी में डूबे ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली गुल होने को लेकर विभाग गंभीर है। बिजली की मुकमल व्यवस्था स्थापित करने के लिए इन दिनों बिजली विभाग के लाइनमैन 'सुपर मैन' की भूमिका में नजर आ रहे हैं। जान की बाजी लगाकर बाढ़ के पानी की तेज धारा में नाव के सहारे डूबे ट्रांसफार्मर को दुरुस्त करते नजर आ रहे हैं।

यह काम ठीक उसी तरह से हो रहा है, जिस तरह से स्वास्थ्यकर्मी नाव पर दवा चिकित्सक लेकर लोगों के बीच नाव से पहुंच रहे हैं। ठीक उसी अंदाज में विद्युत विभाग ने नाव को विद्युत आपूर्ति का एंबुलेंस बना दिया है। सड़क एंबुलेंस के बाद दरभंगा के बाढ़ प्रभावित इलाके में जुगाड़ पर बिजली बहाली का यह सिलसिला चल पड़ा है।

जरूरी विद्युत सामग्री और मानव बल के बैकअप के साथ लाइनमैन दिनभर बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर रहे हैं। डूबे ट्रांसफार्मर, बिजली पोल, तार समेत अन्य खराबियों को जान जोखिम में डालकर दुरुस्त करते हैं। लाइन मैन चलती नाव पर जैसे-तैसे संतुलन बनाकर ट्रांसफार्मर पर चढ़कर बिजली समस्याओं को दुरुस्त करते हैं। इस दौरान बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, विभाग इस काम को करने में लगा है। नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी लिमिटेड ने इस काम से संबंधित तस्वीरों को अपने ट्विटर हैंडल पर साझा करते हुए लाइन मैन के हौसले को सलाम किया है। लोगों में भी इस बात को लेकर खुशी है कि अब अंधेरे से मुक्ति मिल जाएगी।

कुशेश्वरस्थान, हनुमानगर, केवटी और बहेड़ी क्षेत्र में पहुंची रही नाव एंबुलेंस बाढ़ की विभीषिका के कारण जिले के कुशेशवरस्थान दोनों प्रखंड के लगभग 20 पंतायत, केवटी, जाले, हनुमाननगर, बहेड़ी आदि के कई पंचायतों में बिजली विभाग के लाइनमैन नाव से वैसे क्षेत्रों का भ्रम कर बिजली दुरुस्त कर रहे हैं, जो परी तरह बाढ़ से प्रभावित है, जहां ट्रांसफार्मर और बिजली पोल गिरने से बिजली सप्लाई ठप है। जंजीर के सहारे ट्रांसफार्मर पर चढ़कर जंफर समेत अन्य समस्याओं को दूर करते हैं।

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