दरभंगा। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होना शहर में जलजमाव का मुख्य कारण है। जलनिकासी के लिए तीन प्रमुख योजना बनाई गई। जिसमें दोनार-टिनही पुल नाला निर्माण, डीएमसीएच-छपरार घाट नाला निर्माण व कर्पूरी चौक से सैदनगर तक भूगर्भीय नाला की सफाई थी। तीनों योजनाओं के धरातल पर उतरने से शहरी क्षेत्र की बड़ी आबादी को जलजमाव से निजात मिल जाता। हालांकि अभी तक एक भी योजना का कार्य शुरू नहीं किया जा सका है। कर्पूरी चौक से सैदनगर स्थित भूगर्भीय नाला की सफाई की जिम्मेवारी नगर निगम के जिम्मे थी। लगभग साढ़े पांच करोड़ की राशि से भूगर्भीय नाला की सफाई कराने का प्रस्ताव पारित किया गया। नगर विकास विभाग के निर्देश पर सफाई कार्य के लिए अहमदाबाद की एक एजेंसी का चयन किया गया। एजेंसी की एक टीम नाला का जायजा लेने दरभंगा पहुंची। नगर विधायक, महापौर, तत्कालीन नगर आयुक्त के साथ टीम के सदस्यों ने जायजा भी लिया। इसके बाद भी कार्य नहीं शुरू हो सका। निगम के अधिकारियों की ओर सफाई कार्य निगम के सफाई कर्मियों से ही कराने का निर्णय लिया गया। कुछ सफाई भी की गई। इसके उपरांत कार्य बंद कर दिया गया। भूगर्भीय नाला की सफाई होने से बेंता, बलभद्रपुर, बंगाली टोला, लहेरियासराय क्षेत्र की बड़ी आबादी को जलजमाव से निजात मिल जाता। वहीं दोनार-टिनही पुल नाला निर्माण का शिलान्यास दो बार हुआ। हालांकि अभी तक कार्य नहीं शुरू हुआ।

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नहीं हो सका डीएमसीएच से छपरार घाट नाला निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य :

डीएमसीएच से छपरार घाट तक नाला निर्माण शहर की महत्वपूर्ण योजना थी। इस योजना के धरातल पर उतरने से बड़ी आबादी को जलजमाव से निजात मिलता। कई वार्ड की जलनिकासी इस नाला से हो जाती। सरकार की ओर से निगम को दो चरण में 7 करोड़ 78 लाख 48 हजार 942 राशि की राशि भेजी गई। निगम प्रशासन ने राशि को भू-अर्जन विभाग कोशी योजना के खाता में भेज दिया। बताया जाता है कि भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा नहीं होने से निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकी।

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जलजमाव से परेशान हैं कई मोहल्ले के लोग :

शहर के फैजुल्लाह खां, रहम खां, साहसुपन, कटरहिया, मोगलपुरा, बलभद्रपुर, बेला आदि मोहल्ले में सालों भर जलजमाव रहता है। हल्की बारिश के साथ ही लोगो की परेशानी बढ़ जाती है। पानी गुजरकर लोगों को जाना पड़ता है। वही कई घर में तो पानी प्रवेश कर जाता है। स्थानीय लोगों के आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन के बाद निगम प्रशासन की ओर से सकिग मशीन से पानी निकालकर अस्थायी निदान कर दिया जाता है। कटरहिया निवासी सुबोध कुमार कहते हैं कि निगम प्रशासन का काम सिर्फ टैक्स लेना है आमजन के सुविधा से कोई मतलब नहीं है। फैजुल्लाह खां निवासी मो. जफर कहते हैं कि जलजमाव की वजह से कई लोग तो मोहल्ला छोड़कर दूसरे जगह पर रहने लगे। वार्ड पार्षद के नेतृत्व में कई बार प्रदर्शन किया गया। लेकिन, प्रशासन की ओर से किसी तरह का स्थायी निदान नहीं किया गया।

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गंदा पानी से आने के बाद अच्छी तरह करें साफ :

चिकित्सक डॉ. मनीष कुमार प्रसाद कहते हैं कि गंदे पानी से कई तरह के बीमारी का खतरा रहता है। गंदा पानी से आने के बाद पैर को अच्छी तरह साबुन से साफ कर ले। जहां तक हो सके गंदा पानी में जाने से बचे। वहीं गंदा पानी से आने के बाद पैर में खुजलाहट होने पर चिकित्सक से परामर्श कर लें।

Posted By: Jagran