दरभंगा। प्रमंडलीय समादेष्टा कार्यालय में रविवार को डीजी होमागार्ड आरके मिश्रा ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राज्य में पहली बार अंचल स्तर पर बनाए गए होमगार्ड कंपनी के कमांडेंट के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर कमाडेंट के नहीं होने के कारण जवानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में अंचल स्तर पर सौ होमगार्ड की एक कंपनी बनाई गई है। इसमें एक तेज तर्रार जवान को कमांडेंट के रूप में तैनात किया गया है। कमांडेंट कंपनी में शामिल सभी होमगार्ड जवानों को अनुशासन, ड्यूटी, वेतन का निर्धारण आदि सुविधा को मुहैया कराएंगे और उनकी निगरानी रखेंगे। हर अंचल में एक कार्यालय की सुविधा भी मुहैया कराने की तैयारी चल रही है। डीजी मिश्रा ने बताया कि कंपनी बनाने से काफी लाभ होगा। बिहार में अररिया, गया और दरभंगा में पायलट योजना के तहत यह सुविधा बहाल होगी। इसकी आज दरभंगा से शुरूआत की गई है। बताया कि कंपनी पर एक कमाडेंट बनाने के साथ ही 30 जवानों पर एक प्लाटून और दस जवानों पर एक सेक्शन कमांडेंट की नियुक्ति की गई है। कहा कि जिस अंचल में सौ जवान नहीं हैं, वहां आसपास के अंचलों से जवानों को शामिल कर कंपनी का पूर्ण रूप दिया जाएगा। डीजी मिश्रा ने बताया कि दरभंगा के बाद अररिया और गया जिले में इसकी शुरूआत की जाएगी। सफलता मिलने पर जनवरी माह तक पूरे बिहार में यह सुविधा बहाल कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि अब होमगार्ड जवानों को पहली तारीख को वेतन हर हाल में मिलेगा। बताया कि जिस विभाग में जवान ड्यूटी करेंगे वहां से समय पर अगर वेतन नहीं मिल पाता है तो उस स्थिति में होमगार्ड विभाग अपने मद से निर्धारण तिथि को वेतन मुहैया करा देगी। बाद में विभाग अपना बकाया वसूल करेगी। साथ ही सुविधा मुहैया को लेकर उन्होंने कहा कि अब अगर किसी जवान की मौत ऑन ड्यूटी होता है तो 13 दिनों के अंदर मुआवजा की राशि परिजनों को मुहैया करा दी जाएगी। इसके अलावा सभी जवानों का अब पीएफ भी कटेगा।

Posted By: Jagran

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