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नौकरी, क्रिप्टो और वर्क फ्राम होम के नाम पर 86.55 लाख की ठगी! दो बैंक खातों में आई रकम, दरभंगा एक गिरफ्तार

Published: Wed, 16 Sep 2026 08:24 PM (IST)

दरभंगा साइबर थाने ने क्रिप्टो करेंसी, नौकरी और वर्क फ्रॉम होम के नाम पर 86.55 लाख रुपये की ठगी के मामले में एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है।

पुलिस की गिरफ्त में आरोपित।

पुलिस की गिरफ्त में आरोपित।

HighLights

  1. क्रिप्टो, नौकरी, वर्क फ्रॉम होम ठगी में 86.55 लाख का घोटाला।

  2. दरभंगा में शुभम कुमार ठाकुर नामक संदिग्ध गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में।

  3. ठगी की रकम के लेन-देन में दो बैंक खातों का उपयोग।

जागरण संवाददाता, दरभंगा। साइबर थाने की पुलिस ने क्रिप्टो करेंसी, नौकरी देने, वर्क फ्राम होम, बिजनेस में निवेश और कंपनी खोलने के नाम पर 86 लाख 55 हजार रुपये की साइबर ठगी से जुड़े मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपित की पहचान नगर थाना क्षेत्र के राज परिसर निवासी कृष्ण किशोर ठाकुर के पुत्र शुभम कुमार ठाकुर (24) के रूप में हुई है।

पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। गिरोह के अन्य बदमाशों की पहचान के लिए जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, शुभम ने अपने नाम से तीन जनवरी और 23 मई 2025 को भारतीय स्टेट बैंक के कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय शाखा में दो खाते खुलवाए थे।

इनमें एक बचत और दूसरा बिजनेस खाता था। दोनों खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम मंगाने और फिर अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया गया।

जांच में एक खाते में 13 अगस्त से दो सितंबर 2025 के बीच 37 लाख 55 हजार रुपये आने की बात सामने आई। रकम को अलग-अलग बैंक खातों में स्थानांतरित कर निकाल लिया गया।

इस खाते को लेकर देश के विभिन्न राज्यों से साइबर ठगी की कुल 10 शिकायतें सामने आई हैं। इनमें नौकरी देने, क्रिप्टो करेंसी, वर्क फ्राम होम, बिजनेस के लिए निवेश और कंपनी खोलने के नाम पर ठगी के मामले शामिल हैं।

वहीं, शुभम के दूसरे बैंक खाते में तीन जनवरी से 13 अक्टूबर 2025 के बीच करीब नौ माह में 49 लाख रुपये आए। इस रकम को भी अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कर निकासी की गई।

अपर थानाध्यक्ष नवीन कुमार ने बताया कि साइबर क्राइम स्पेशल यूनिट, पटना से संदिग्ध बैंक खातों की सूची थाने को भेजी गई थी। जांच के दौरान शुभम कुमार ठाकुर के नाम से दो बैंक खाते मिले। पूछताछ के लिए उसे थाने लाया गया।

दोनों खातों में आई ठगी की रकम के संबंध में वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका और न ही रकम के वैध लेन-देन से संबंधित कोई साक्ष्य या कागजात प्रस्तुत कर सका। उसके पास से दो मोबाइल जब्त करते हुए उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

गिरोह के अन्य बदमाशों की संलिप्तता और भूमिका की जांच की जा रही है। शुभम बीकाम पास है। उसके स्वजन राज परिसर में गौपालन करते हैं।