दरभंगा। दरभंगा स्टेशन पर शनिवार को सांसद कीर्ति आजाद एवं समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम र¨वद्र जैन के बीच हुई बैठक में रेलवे की विकास को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। सांसद आजाद यह जानने चाहे कि दरभंगा प्रवास पर आए रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा के समक्ष उन्होंने स्टेशन के सौंदर्यीकरण एवं दरभंगा जिले के अगल-बगल के क्षेत्रों से जुड़े रेल संबंधी समस्याओं पर जो ध्यान दिलाया उसमें क्या प्रगति हुई। इस पर डीआरएम ने बारी-बारी से उपलब्धि बताई और शेष कार्यों को जल्द पूरा करने का भरोसा दिया। सांसद ने दरभंगा स्टेशन की पूरी बि¨ल्डग को मिथिला पें¨टग से सजाने की दिशा में बल दिया।कहा कि दरभंगा में जाम से मुक्ति दिलाने के लिए उन्होंने दोनार, म्यूजियम गुमटी सहित कई गुमटियों पर आरओबी बनाने की योजना पास कराया। लेकिन, स्वीकृत प्रस्ताव पर कोई प्रगति नहीं है। इसका कारण जानने की कोशिश की और इसे अविलंब गति देने को कहा।

समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड के दोहरीकरण कार्य में गति नहीं रहने के कारण सांसद ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। साथ ही सकरी-बिरौल रेलखंड के बीच हाल्ट की समस्याओं का निदान तुरंत करने को कहा। लोहना रोड से मुक्तापुर नई रेल परियोजना के सर्वे हो जाने के बाद आगे की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की। डीआरएम से योजना को गति देने के लिए प्रस्ताव बनाकर रेल मंत्रालय को भेजने को कहा। कहा यह परियोजना दरभंगा के दूर-दराज व देहात में रहने वाले लोगों के लिए जनोपयोगी कार्य है। दरभंगा-अजमेर शरीफ ट्रेन की घोषणा उन्होंने वर्ष 2012 में ही कराई थी। लेकिन, परिचालन अभी तक शुरू नहीं हुआ, इसे उन्होंने प्राथमिकता से लेने को कहा। रक्सौल-नरकटियागंज रेलखंड पर परिचालन शुरू होने के बाद उन्होंने पूर्व मध्य रेलवे को दुरंतो जैसी ट्रेन इस रेलखंड पर चलाने के लिए बोर्ड को पत्राचार करने को कहा। दिए गए तमाम निर्देश का उन्होंने तीन सप्ताह के अंदर प्रगति प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा।

स्वघोषित नहीं, धरातल में करते हैं काम :

सांसद आजाद ने बिना नाम लिए हुए एक नेता पर हमला किया। कहा कि कुछ स्वघोषित नेता हवाई बातें करते हैं। जो सीधे ऊपर से कार्य कराने का दावा करते हुए ज्ञापन देने के लिए घूमते रहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नेता को मालूम होना चाहिए कि कार्य की शुरुआत धरातल से होती है। सांसद आजाद ने कहा कि वे हमेशा धरातल से जुड़ कर कार्य को संपन्न कराने का प्रयास करते हैं। अगर कोई तकनीकी दिक्कत होती है तो उच्च अधिकारियों व मंत्री से संपर्क कर निदान कराते हैं। धरोहर इंजन को तेजी से जीवंत करने का आदेश :

डीआरएम रवींद्र जैन ने अपने लाव-लश्कर के साथ दरभंगा जंक्शन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्टेशन पर संरक्षित किए गए

दरभंगा महाराज के तिरहुत स्टेट रेलवे की धरोहर इंजन को बारीकी से देखा। धरोहर इंजन को जीवंत करने में जुट कर्मियों व अधिकारियों को तेजी से काम करने को कहा। बताया गया कि पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक इसका लोकार्पण करेंगे। इसलिए समय से पूर्व सारे कार्यों को पूरा करने का निर्देश दिया। पार्सल कार्यालय के लिए बनने वाली भवन का जगह का निरीक्षण किया।क्षिण दिशा में जगह का मुआयना कर प्लान बनाया। साथ ही पूरब दिशा में स्थित रेल कर्मियों के आवास की दुर्दशा से भी अवगत हुए। इस दौरान बैरक के सामने से जाने वाली सड़क पर लगे जलजमाव को देख दंग रह गए। जानने की कोशिश की कि इस रास्ते से रेल कर्मी कैसे आते हैं और जाते हैं? उन्होंने उसी क्षण निदान के दिशा में कार्य करने का आदेश दिया। मौके पर स्टेशन डायरेक्टर चंद्रशेखर प्रसाद ¨सह, स्टेशन अधीक्षक अशोक ¨सह, सीटीटीआइ पवन ¨सह, आरपीएफ इंस्पेक्टर विनोद विश्वकर्मा आदि सहित मंडल कार्यालय के कई अधिकारी शामिल थे।

Posted By: Jagran