दरभंगा। मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया की तीन सदस्यीय मॉक टीम ने मंगलवार को डीएमसीएच में एमबीबीएस डिग्री के पठन-पाठन का जायजा लिया। टीम ने डीएमसीएच प्रशासन को एमसीआइ के निरीक्षण को लेकर कई टिप्स दिए। टीम में अहमदाबाद के डॉ. सीआर क्लानी, पटना के डॉ. बीएन ¨सह और डॉ. राजीव कुमार शामिल रहे। कहां कहां हुआ निरीक्षण

मॉक टीम सबसे पहले ओपीडी में छात्र छात्राओं के पठन पाठन का जायजा लेने पहुंची। वहां मरीजों की भीड़ थी। ओपीडी में न तो प्रकाश की व्यवस्था थी, न ही मरीजों के बैठने के लिए बेंच की। काउंटरों पर पर्ची कटाने के लिए धक्का मुक्की चल रही थी। गार्ड के पसीने छूट रहे थे। दवा काउंटर पर भीड़ की लाइनओपीडी के बाहर धूप तक चली गई थी। टीम ने इस हैरानी जताई। इसके बाद प्रत्येक विभाग में जाकर वहां के वर्ग कक्ष का हाल देखा। विभागों में इलेक्ट्रानिक बोर्ड पर धूल जमी थी। डॉक्टरों के पास बेतरतीब मरीजों की भीड़ थी। उसमें छात्रों की पढ़ाई होना असंभव प्रतीत हो रहा था। अधिकांश विभागों की यहीं स्थिति थी। ओपीडी और इमरजेंसी वार्ड में भी पठन पाठन की सुविधाएं जस की तस थी। इसके अलावा विभागों के उपकरण, रेडियोलॉजिकल और पैथोलॉजिकल जांच समेत अन्य संसाधनों का जायजा लिया गया।

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डॉक्टरों का किया गया भौतिक सत्यापन

टीम ने प्राचार्य कार्यालय में डॉक्टरों का भौतिक सत्यापन किया, जिसमें डॉक्टरों की उपस्थिति और उसके साथ उसकी नियुक्ति, प्रोन्नति, वेतन आदि के बारे में कागजात की जांच पड़ताल की। कई डॉक्टर भौतिक सत्यापन में शामिल नहीं हो सके। अवकाश या दूसरे शिफ्ट में ड्यूटी रहने के कारण यह स्थिति आई। मौके पर प्राचार्य डॉ. एचएन झा और अधीक्षक डॉ.आरआर प्रसाद आदि उपस्थित थे। दोनों अधिकारियों ने बताया कि अस्पताल की खामियों को दूर करने के लिए प्रयासरत हैं। एमसीआइ टीम के निरीक्षण से पूर्व सभी कमियों को दूर कर लिया जाएगा। पिछली बार एमसीआइ टीम ने अपनी रिपोर्ट में कई खामियां बताई थी।

Posted By: Jagran