दरभंगा। दरभंगा नगर निगम के मेयर व डिप्टी मेयर के चुनाव का काउंट डाउन शुरू हो गया है। चुनाव नौ जून को होना है। नगर निगम की राजनीति पर एक दशक से कब्जा जमाए नगर विधायक संजय सरावगी की सत्ता को उखाड़ फेंकने के लिए बेचैन महागठबंधन समर्थक पार्षदों की कई बैठकों में जब मेयर पद पर कोई सर्वमान्य प्रत्याशी तय नहीं हो सका तब उत्तर बिहार के कद्दावर नेता पूर्व मंत्री अली अशरफ फातमी को इस दिशा में पहल करनी पड़ी। उनकी अगुवाई में दरभंगा के जदयू व राजद के कई विधायकों की उपस्थिति के बीच महागठबंधन के मेयर और उपमेयर प्रत्याशियों के नाम पर मुहर लगाई गई। सोमवार की देर रात मेयर पद के कई दावेदार पार्षदों की मौजूदगी में एक नाम पर सहमति स्थापित कर मेयर व डिप्टी मेयर के लिए क्रमश: वैजयंती खेडिय़ा तथा बाबी खां के नाम पर मुहर लगा दी गई। इसके साथ ही प्रस्तावक व

समर्थक भी चुन लिये गए। लेकिन महागठबंधन के पार्षदों में सेंध लगाने की ताक में बैठे नगर विधायक के खेमे ने अब तक अपने पत्ते भी नही खोले हैं। परंतु प्राप्त जानकारी के अनुसार राजग ने भी अपना प्रत्याशी तय कर लिया है। लेकिन चुनावी रणनीति के तहत राजग प्रत्याशी के नाम का खुलासा अभी नहीं किया जा रहा है। चुनावी पंडितों के अनुसार पूजा मंडल मेयर चुनाव में बैजयंती की राह का रोड़ा बनकर ऐन मौके पर सामने आ सकती हैं। अभी चुनावी चौसर बिछा है। मोहरे तय किए जा रहे है। असली मुकाबला नौ जून को होना है। जानकारों के अनुसार जिला परिषद हो या प्रमुख का चुनाव पूरे जिले में महागठबंधन का पताका फहराने की जुगत बैठाने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री मो. अली फातमी ने

नगर निगम पार्षद चुनाव से ही अपनी नजर गड़ा दी थी। महागठबंधन समर्थक प्रत्याशियों को पार्षद चुनाव में विजयी बनाने के बाद मेयर व डिप्टी मेयर चुनाव की कमान संभाल ली। जदयू की ओर से खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मदन सहनी तथा विधायक अमरनाथ गामी, कांग्रेस की ओर से राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. मदन मोहन झा और राजद के वरिष्ठ नेता विधायक ललित यादव, भोला यादव एवं डॉ. फराज फातमी के सक्रिय सहयोग से अमरनाथ गामी के आवास पर हुई पहली बैठक में कुल 33 पार्षद जुटे। इसमें मेयर के लिए मुन्नी देवी, बेला देवी, आशा प्रजापति आदि ने भी दावा ठोका। डिप्टी मेयर के लिए इशरत जहां का भी दावा था। लेकिन बीते सोमवार की देर रात पूर्व डिप्टी मेयर मुमताज आलम के यहां पूर्व विधायक सुलतान अहमद के साथ महागठबंधन समर्थक मेयर तथा डिप्टी मेयर के उम्मीदवार पार्षदों की बैठक हुई। देर रात तक चली बैठक में काफी मान मनौव्वल के बाद मुन्नी देवी, आशा प्रजापति अैर इशरत जहां ने अपनी दावेदारी वापस लेकर वैजयंती खेडिय़ा का नाम मेयर और बाबी खां का नाम डिप्टी मेयर के लिए अनुमोदित कर दिया। सहमति यह भी बनी कि मुन्नी देवी प्रस्तावक और आशा प्रजापति समर्थक बनेगी। लेकिन बेला देवी और अजय महतो का बैठक में नही जाना महागठबंधन की जीत के फैक्टर को पलीता भी लगा सकता है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि दोनों ने महागठबंधन के निर्णय के पालन का वचन दिया है। इसके विपरीत एक दशक से नगर निगम पर काबिज नगर विधायक संजय सरावगी के खेमे ने अब तक अपनी रणनीति का खुलासा नहीं किया है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार राजग इस बार सीधी लड़ाईै की स्थिति में नहीं है। इसलिए उसका प्रयास महागठबंधन में ही सेंध लगाकर उसके पार्षद को उम्मीदवारी सौंप उसे पटखनी देने का हो सकता है।

Posted By: Jagran

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