दरभंगा। शराब बरामदगी मामले में एसएसपी मनोज कुमार की सोशल यूनिट ने एक बार फिर से कमाल कर दिया। इस बार जो उपलब्धि मिली वह जिले की सबसे बड़ी शराब की खेप है। सफलता से पुलिस विभाग भी उत्साहित है। व्हाट्सएप पर मिली सूचना के बाद एसएसपी कुमार ने मंगलवार की रात शराब से लदी दस चक्के की ट्रक को पकड़ने में ही कामयाबी हासिल की और एक बड़े कारोबारी को गिरफ्तार भी कर लिया। पूछताछ के बाद एसएसपी ने शराब धंधे के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर हायाघाट के हथौड़ी चेक पोस्ट के पास शराब से लदी एक ट्रक को पकड़ा गया। उसे समस्तीपुर से लहेरियासराय लाया जा रहा था। ट्रक का चालक व खलासी तो भाग गया। लेकिन, कारोबारी रणविजय कुमार को दबोच लिया गया। वह समस्तीपुर जिले के खानपुर थाने क्षेत्र के भुपतपुर गांव निवासी उपेंद्र महतो का पुत्र है। कहा कि शराब से लदी ट्रक पीबी05-8531 को गेहूं भूसा के गोलरी के पै¨कग बोरी से ढंककर 350 कार्टन शराब लाया गया था। सभी कार्टन 3150 लीटर शराब की बरामदगी की गई है। एसएसपी कुमार ने कहा कि रणविजय ने बताया कि इससे पहले वह दो बार शराब की खेप मंगाया है। एक बार उसने समस्तीपुर में बेचा तो दूसरी बार दरभंगा में बेचा। लेकिन, तीसरी बार में वह गिरफ्तार हो गया। उसने बताया कि समस्तीपुर के चकवाखर गांव निवासी व कपड़ा व्यवसायी ओम प्रकाश व अजीत कुमार ¨सह शराब करोबार में पूंजी मुहैया कराता है। जबकि, शराब मंगाने और सप्लाई करने में उसका दोस्त पंकज कुमार साह बतौर पार्टनर के रूप में काम करता है। इससे पूर्व दोनों साथ में मक्का का धंधा करता था। उन्होंने कहा कि अजीत इससे पूर्व वारिसनगर थाने के हत्थे चढ़ चुका है। एसएसपी कुमार ने बताया रणविजय, ओम प्रकाश व अजीत व पंकज के अलावा ट्रक मालिक व चालक पर भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। शेष सभी को गिरफ्तार करने के लिए सघन छापेमारी की जा रही है। बरामद शराब में तीन ब्रांड की है। छापेमारी में सदर डीएसपी अनोज कुमार, हायाघाट थानाध्यक्ष दिलीप पाठक, अनि. सुनील कुमार, मंजर हसन, सिपाही पंकज कुमार, रामबाबू राय आदि शामिल थे।

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