दरभंगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के उपाध्यक्ष सह डीएम डॉ.चन्द्रशेखर ¨सह ने कहा है कि

लोक अदालत से निष्पादित वादों में समस्याओं का स्थायी हल निकलते हैं। इसमें हमेशा दोनों ही पक्षकारों की जीत होती है। पक्षकारों के बीच समझौता हो जाने से आपस की कटुता मिट जाती है। जिससे समाज में शांति और खुशहाली का द्वार खुलता है। वे शनिवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा सिविल कोर्ट प्रागंण में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत की अध्यक्षता कर रहे थे। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अदालतों में लंबित मुकदमों का बोझ कम करने के उद्देश्य से प्राधिकार द्वारा आयोजित लोक अदालत का प्रयोग काफी सफल रहा है। इसका सुखदायी परिणाम लगातार समाज को मिल रहा है।

कार्यक्रम का उदघाटन प्राधिकार के उपाध्यक्ष सह डीएम डॉ. चन्द्रशेखर ¨सह, एसएसपी गरिमा मलिक, परिवार अदालत के प्रधान न्यायाधीश बेनीमाधव पांडेय, एडीजे ब्रजेश कुमार मालवीय, रुपेश देव, सीजेएम संपत्त कुमार ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया। मौके पर एसडीजेएम दीपांजन मिश्र, एसीजेएम राजेश कुमार द्विवेदी, अजय कुमार, जावेद आलम, अक्षय कुमार, शैलेंद्र कुमार, विवेकचन्द्र वर्मा, प्राधिकार के सचिव राजकुमार चौधरी समेत सभी न्यायिक पदाधिकारी, बैंक अधिवक्ता, पक्षकार और न्यायालय कर्मचारी मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता विष्णुकांत चौधरी ने किया।

खंडपीठ

वादों के निष्पादन के लिए न्यायिक पदाधिकारी और अधिवक्ताओं की अलग-अलग मामलों के निष्पादन के लिए कुल 17 खंडपीठों का गठन की गई। प्रत्येक खंडपीठ में एक न्यायिक पदाधिकारी और उनके सहयोग के लिए एक अधिवक्ता और संबधित विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया। बिछुड़े दंपती मिले

शादी के बाद परिवार को तिलांजलि देकर अदालत में भरण पोशन वाद का मुकदमा लड़ रहे अलीनगर थानाक्षेत्र के पकरी निवासी कमरे आलम और रुखसाना, सदर थानाक्षेत्र के भालपट्टी निवासी धर्मेंद्र कुमार राम तथा विल्टी देवी और एपीएम थानाक्षेत्र के रतनपुरा निवासी अजय सहनी के लिए यह लोक अदालत सुखदायी पैगाम लाया। उचित पहल की गई तो तीनो बिछुड़े दंपती मुकदमे को तौबा कर लोक अदालत का गुणगान करते खुशी खुशी नए दाम्पत्य की शुरुआत करने घर विदा हुए। परिवार अदालत के कुल नौ मामले में पति पत्नी के बीच समझौता कराकर खुशी खुशी घर विदा किया गया। दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा वाद निष्पादित :

सड़क दुर्घटना में अपना पुत्र गंवाने के क्षतिपूर्ति दावा वाद को लेकर अदालत का चक्कर लगा रहे बिस्फी थानाक्षेत्र के बलहा मधुबनी निवासी अजमती खातून, सदर थानाक्षेत्र के खरुआ निवासी इरफानूर कमर, ¨सहवाड़ा थानाक्षेत्र के भगवतीपुर निवासी बलराम साह एवं एक अन्य को क्षतिपूर्ति दावा वाद के एवज में मुआवजा भुगतान कराकर अदालत की कार्यवाही से मुक्ति मिल गई। सभी लोग लोक अदालत का गुणगान करते खुशी खुशी घर विदा हो गए।इस मद में चारों दावेदारों के बीच 15,55000 रुपये का भुगतान कराया गया। 791 मामले का निष्पादन

राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के 992 मामले आए। जिनमें 791 मामले निष्पादित किए गए। बैंक ऋण, क्लेम केसेज,बिजली, टेलीफोन समेत विभिन्न मदों में 2,09,03,209 रुपये का समझौता निष्पादित किया गया।

Posted By: Jagran