Bihar News : 63 प्रतिशत वाले ने फार्म में लिख दिए 93, फर्जी अंकों से पीजी में दाखिला; मेरिट सूची पर उठे सवाल
Darbhanga PG Admission Scam : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर नामांकन प्रक्रिया 2026-28 में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने ...और पढ़ें

यह तस्वीर जागरण आर्काइव से ली गई है।
HighLights
स्नातकोत्तर नामांकन में फर्जी अंकों से दाखिले का खुलासा हुआ।
योग्य छात्र वंचित, विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर सवाल उठे।
फर्जी दाखिले रद्द होंगे, दोषियों पर होगी कानूनी कार्रवाई।
प्रिंस कुमार, दरभंगा । ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर सत्र 2026-28 की नामांकन प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली और फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है।
दर्जनों आवेदकों ने आनलाइन आवेदन के दौरान अपने वास्तविक अंकों को बढ़ाकर फर्जी मेधा (मेरिट) सूची के आधार पर नामांकन सुरक्षित कर लिया है।
इस फर्जीवाड़े की वजह से योग्य और मेधावी छात्र सही अंक होने के बावजूद नामांकन से वंचित रह गए हैं। यह गड़बड़ी केवल एक कालेज तक सीमित नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले विभिन्न जिलों के कालेजों में भी ऐसे मामले उजागर हुए हैं। बेगूसराय के जीडी कालेज में इस फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है।
इसके अलावा दरभंगा, मधुबनी और समस्तीपुर के पीजी अध्ययन वाले कालेजों से भी शिकायतें आ रही हैं। आरोप है कि कई छात्रों ने स्नातक में प्राप्त वास्तविक प्रतिशत को आवेदन में काफी बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिन छात्रों के स्नातक में 63 प्रतिशत अंक थे, उन्होंने आनलाइन फार्म में फर्जी तरीके से 93 प्रतिशत अंक तक दर्ज कर दिए।
इस अनुचित बढ़त के कारण वे मेरिट सूची में शीर्ष स्थान हासिल करने में सफल रहे और उनका दाखिला भी हो गया। आरोप यह भी लग रहा है कि पीजी अध्ययन वाले कालेजों के कुछ कर्मियों से सांठगांठ कर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया है।
छात्रों और छात्र संगठनों में भारी आक्रोश
इस गड़बड़ी की जानकारी मिलते ही छात्रों और छात्र संगठनों में विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है। छात्रों का कहना है कि दाखिले से पहले विश्वविद्यालय और कालेज प्रशासन को आवेदनों की भौतिक जांच करनी चाहिए थी।
यदि जमा किए गए दस्तावेजों और अंकों का मिलान समय रहते कर लिया जाता, तो फर्जी अंक भरने वालों पर पहले ही रोक लग सकती थी। कहा है कि पीजी नामांकन की वर्तमान मेधा सूची को तत्काल प्रभाव से रद किया जाए और पारदर्शी तरीके से दोबारा मूल्यांकन कराकर नई सूची जारी हो।
फर्जी अंक डालकर दाखिला लेने वाले सभी अभ्यर्थियों का नामांकन तुरंत रद किया जाए। दोषियों और फर्जी अभ्यर्थियों पर कानूनी कार्रवाई हो।
छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने जल्द ही इस धांधली पर कड़ा रुख नहीं अपनाया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की, तो वे कालेजों और विश्वविद्यालय मुख्यालय के समक्ष उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
कुलपति के आदेशानुसार, पीजी अध्ययन वाले सभी कालेजों को दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सभी प्राचार्यों को पीजी नामांकन में मेधा सूची और दस्तावेजों की गहनता से जांच करने को कहा गया है। फर्जी मेधा के आधार पर नामांकन लेने वाले अभ्यर्थियों का दाखिला रद किया जाएगा, उनके मूल प्रमाणपत्रों को जब्त किया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
- प्रो. अशोक कुमार मेहता, डीएसडब्ल्यू, लनामिवि, दरभंगा।
