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मिथिला विश्वविद्यालय में ऑफलाइन छुट्टी खत्म, समर्थ पोर्टल से अब हर आवेदन होगा ऑनलाइन

By Prince Kumar Edited By: Dharmendra Singh
Published: Mon, 23 Mar 2026 07:17 PM (IST)

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुंवर सिंह महाविद्यालय में समर्थ पोर्टल पर ऑनलाइन अवकाश आवेदन की जानकारी दी गई। प्रधानाचार्य ...और पढ़ें

बैठक को संबोधित करते अतिथि। जागरण

बैठक को संबोधित करते अतिथि। जागरण

HighLights

  1. समर्थ पोर्टल से ऑनलाइन अवकाश आवेदन अब अनिवार्य।

  2. 1 अप्रैल से लीव मॉड्यूल होगा लागू।

  3. प्रक्रिया बनेगी अधिक पारदर्शी और आसान।

जागरण संवाददाता, दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की अंगीभूत इकाई कुंवर सिंह महाविद्यालय में सोमवार को समर्थ पोर्टल को लेकर शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों की बैठक आयोजित की गई। इसमें शिक्षक-कर्मियों को समर्थ पोर्टल के माध्यम से आनलाइन अवकाश स्वीकृत कराने से संबंधित जानकारियां प्रदान की गई।

इसकी अध्यक्षता करते हुए प्रधानाचार्य डा. शंभू कुमार यादव ने कहा कि नई व्यवस्था से परेशान होने की जरूरत नहीं है। इससे चीजें आसान और व्यवस्था पारदर्शी बनेगी। उन्होंने कहा कि अब अभी समर्थ पोर्टल के माध्यम से लीव माड्यूल को शुरू किया जा रहा है।

जल्द ही नामांकन प्रक्रिया भी समर्थ पोर्टल के माध्यम से शुरू होनी है। उन्होंने शिक्षक-कर्मियों को निर्देश देते हुए कहा कि जो भी जानकारी मांगी जाए, उसे अविलंब उपलब्ध करा दें। कालेज के समर्थ नोडल पदाधिकारी डा. विनय कुमार साह ने बताया कि एक अप्रैल से कालेजों के स्थायी शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों के लिए समर्थ लीव माड्यूल लागू किया जाना है।

इसके तहत अब अवकाश के लिए आफलाइन आवेदन की जगह आनलाइन आवेदन करना होगा। इसके अंतर्गत कालेज के सभी शैक्षणिक एवं प्रशासनिक विभागों की अलग-अलग यूनिट बनेगी। शिक्षक-कर्मियों के आवेदन यूनिट हेड के बाद प्रधानाचार्य स्वीकृत करेंगे।

बता दें कि गत 18 मार्च को विश्वविद्यालय में कालेज स्तर पर प्रशिक्षण दिया गया था। इसी आलोक में कालेज में बैठक आयोजित कर शिक्षक-कर्मियों को लीव माड्यूल के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।

बैठक में डा. रामावतार प्रसाद, डा. अमरनाथ प्रसाद, डा. अभिन्न श्रीवास्तव, डा. रंजना सिंह, डा. अभय कुमार, अनुराधा प्रसाद, डा. रश्मि शर्मा, प्रशाखा पदाधिकारी (सामान्य) हर्षवर्धन कुमार, प्रशाखा पदाधिकारी (लेखा) चंद्रशेखर सिंह भी मौजूद थे।