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दरभंगा में मिथिला विश्वविद्यालय ने पीजी पाठ्यक्रमों को दी मंजूरी, हिंदी इतिहास राजनीति विज्ञान की होगी पढ़ाई

Published: Mon, 31 Aug 2026 07:06 PM (IST)

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की सिंडिकेट बैठक में 2027-29 सत्र से हिंदी, इतिहास और राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू ...और पढ़ें

बैठक की अध्यक्षता करते कुलपति (सौ. पीआरओ)

बैठक की अध्यक्षता करते कुलपति (सौ. पीआरओ)

जागरण संवाददाता, दरभंगा । ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में सिंडिकेट की बैठक (आफलाइन एवं आनलाइन) मोड में कुलपति के आवासीय कार्यालय के सभाकक्ष में रविवार की देर शाम आयोजित की गई।

बैठक की शुरुआत कुलसचिव डा. दिव्या रानी हंसदा ने की। कुलपति के आदेश से कार्यवाही प्रारंभ करते हुए कुलसचिव ने सभी सदस्यों का स्वागत किया।

विश्वविद्यालय की हालिया शैक्षणिक एवं प्रशासनिक उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए कई नए रोजगारपरक पाठ्यक्रम शुरू किए हैं, जो राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों के लिए भी एक मिसाल हैं।

बैठक में सिंडिकेट सदस्य प्रो. हरि नारायण सिंह की मांग पर सत्र 2027-29 से स्नातकोत्तर स्तर पर तीन प्रमुख विषयों- हिन्दी, इतिहास और राजनीति विज्ञान की पढ़ाई शुरू करने पर सैद्धांतिक सहमति दी गई।

कुलपति ने निर्देश दिया कि इस समयावधि के भीतर आवश्यक शैक्षणिक अवसंरचना और अन्य सभी प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएं, ताकि नियत समय पर नामांकन की प्रक्रिया शुरू की जा सके।

विगत बैठकों के निर्णयों पर लगी मुहर

बैठक के दौरान विश्वविद्यालय की प्रशासनिक पारदर्शिता और सुचारू संचालन को बनाए रखने के लिए पूर्व में हुई कई प्रमुख समितियों की कार्यवृत्त की संपुष्टि की गई। इसमें अभिषद् बैठक (18.07.26) के कार्यवृत्त की संपुष्टि की गई।

विद्वत-परिषद् बैठक में लिए गए शैक्षणिक निर्णयों को अनुमोदित किया गया। 30 अगस्त को आयोजित वित्त समिति के वित्तीय मामलों से जुड़ी बैठक की कार्यवृत्त को स्वीकृति प्रदान की गई।

इसके अलावा 27 अगस्त को आयोजित क्रीड़ा समिति के खेलकूद गतिविधियों से जुड़े निर्णयों को कुछ आवश्यक संशोधनों के साथ अनुमोदित किया गया।

शिक्षकों के हित में बड़े फैसले

बैठक में शिक्षकों के सेवा कल्याण और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े दो अहम फैसले लिए गए। डा. बैद्यनाथ चौधरी बैजू द्वारा साक्षात्कार दे चुके शिक्षकों की पदोन्नति अधिसूचना जारी करने की मांग पर कुलपति ने आश्वस्त किया कि शेष शिक्षकों का साक्षात्कार पूरा होते ही शीघ्र ही अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।

डा. हरि नारायण सिंह के प्रस्ताव पर सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि एक वर्ष के भीतर सेवानिवृत होने वाले अथवा गंभीर रूप से अस्वस्थ प्रभारी प्राचार्यों के आवेदन पर मानवीय आधार पर उन्हें उनके मूल पद पर वापस भेजने का अंतिम निर्णय लेने के लिए कुलपति को अधिकृत किया गया।

बैठक के अंत में कुलसचिव डा. दिव्या रानी हंसदा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। बैठक में प्रो. हरि नारायण सिंह, प्रो. धनेश्वर प्रसाद सिंह, डा. दिव्या रानी हंसदा, विधायक सुजीत पासवान, प्रो. अशोक कुमार मेहता, प्रो. विजय कुमार यादव, डा. अमर कुमार, डा. बैद्यनाथ चौधरी बैजू, प्रो. दिलीप कुमार चौधरी, प्रो. नारायण झा, डा. सविता वर्मा एवं डा. शिखर वासिनी भी शामिल थे।