दरभंगा । ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुरेंद्र प्रताप सिंह के कार्यकाल का एक साल 21 सितंबर 2021 को पूरा हो रहा है। कोरोना संक्रमण के बीच 21 सितंबर 2020 को प्रो. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने विश्वविद्यालय का कार्यभार संभाला था। इस दौरान कई शैक्षणिक कार्यों का सफलतापूर्वक निष्पादन हुआ। हालांकि, शैक्षणिक विकास से संबंधित कई चुनौतियां अब भी शेष हैं। कुलपति अपने कार्यकाल को ऐतिहासिक बताते हैं। कहते हैं- मैं भाग्यशाली हूं कि मेरे कार्यकाल के दौरान ही विश्वविद्यालय की स्वर्ण जयंती मनाई जा रही है। पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री ललित बाबू की भी जन्मशती वर्ष भी मनाया जाएगा। मेरे कार्यकाल के दौरान विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र को नियमित किया गया। ससमय यूजी,पीजी और राज्य स्तरीय बीएड प्रवेश परीक्षा का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया है।

एकेडमिक ब्लॉक का होगा निर्माण, बनाई गई योजना

विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर सभी विभागों में छात्रों एवं शिक्षकों की सुविधा के लिए वर्गों की संख्या बढ़ाने की व्यवस्था की जा रही है। 50 कमरों पर आधारित एक एकेडमिक ब्लॉक के निर्माण की योजना बनाई गई है। विश्वविद्यालय स्नातकोत्तर सभी विभागों में अब तक कुल 61 राष्ट्रीय सेमिनार एवं 12 अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के साथ ही कुल 103 प्रतिस्पर्धाएं आयोजित की गई हैं। इसके साथ ही विवि के इतिहास में पहली बार शिक्षक दिवस के मौके पर सेवानिवृत शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

महात्मा गांधी सदन में स्थापित होगी गांधी की कांस्य की मूर्ति

विश्वविद्यालय गांधी सदन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की नई कांस्य की मूर्ति स्थापित की जा रही है। ऐतिहासिक गांधी संग्रहालय को पुन: गतिशील बनाने के लिए केंद्रीय पुस्तकालय में महात्मा गांधी के जीवन पर आधारित लिखित पुस्तक का विशेष संग्रह केंद्र स्थापित किया जा रहा है। गांधी सदन के सामने स्थित तालाब का सुंदरीकरण कराया गया है। स्वच्छ कैंपस सुंदर कैंपस के तहत पूरे जनपद की साफ सफाई की विशेष व्यवस्था है एवं आगंतुक के लिए तालाब के सामने पार्क बनाने की प्रक्रिया की जा रही है।

जर्जर सड़कों की कराई जा रही मरम्मत

पूरे कैंपस में अलग-अलग जगह पर जर्जर सड़कों का नवीनीकरण किया गया है। शेष सड़कों की मरम्मत जारी है। विश्वविद्यालय के अधीन विभिन्न छात्रावासों की जर्जर स्थिति को देखते हुए इंजीनियरों से भवनों के नवीनीकरण समेत अन्य पहलुओं को लेकर चर्चा कर योजना बनाई गई है। छात्र-छात्राओं की सुविधाओं को लेकर हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय मुख्यालय में कार्यालय की जगह की कम को देखते हुए अधिकतर कार्यालय को नए भवन में शिफ्ट किया गया है। सभी कार्यालयों को इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

कोरोना काल के बीच आनलाइन ली गई पीएचडी की मौखिक परीक्षा

कोरोना संक्रमण के बीच विश्वविद्यालय द्वारा पीएचडी की मौखिक परीक्षा आनलाइन ली गई। साथ ही शोध की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए एंटीप्लेग्रीज्म पालिसी को अडॉप्ट करते हुए एक सेल का गठन किया गया है। विश्वविद्यालय मुख्यालय एवं स्नातकोत्तर विभागों के सभी कार्यालयों में वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। जिससे शिक्षकों को आनलाइन क्लासेज लेने में सुविधा हो पाई है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मैदान बनाने की पहल शुरू

विवि कैंपस स्थित नागेंद्र झा स्टेडियम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मैदान बनाने के लिए भारत सरकार को खेलो इंडिया प्रोजेक्ट के तहत प्रस्ताव भेजा गया है। विश्वविद्यालय मुख्यालय एवं स्नातकोत्तर विभाग में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की गई है। स्थापना के 50 वर्ष में प्रवेश के अवसर पर विश्वविद्यालय एवं इसके अंतर्गत महाविद्यालय में पूरे साल कार्यक्रम आयोजन करने का निर्णय लिया गया है।

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जा रही

सरकार के निर्देशानुसार एससी-एसटी के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जा रही है। भारत सरकार के निर्देश पर विश्वविद्यालय में जनगणना संग्रह केंद्र स्थापित की जा रही। लंबी प्रक्रिया के रुके हुए आश्रितों को अनुकंपा के तहत नियुक्ति की गई। कुल 58 पाल्यों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दी गई है। विश्वविद्यालय परिसर में स्थित सभी महापुरुषों के स्मारकों को विशेष सम्मान देने के लिए सभी महापुरुषों की प्रतिमाओं के ऊपर छतरी का निर्माण कराया गया है।

बिहार कॉमन एंट्रेंस टेस्ट की सूची में शामिल हुआ डब्ल्यूआइटी

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के अधीन डा. एपीजे अब्दुल कलाम महिला प्रौद्योगिक संस्थान के विकास के लिए अब संस्थान को बिहार कॉमन एंट्रेंस टेस्ट की सूची में शामिल किया गया है। संस्थान में नामांकन के लिए छात्राओं को अब बिहार कॉमन एंट्रेंस टेस्ट से गुजरना पड़ेगा। कुलपति ने कहा विश्वविद्यालय की सभी परीक्षाओं को त्वरित गति से संपन्न कराया जा रहा है

एक साथ रजिस्ट्रेशन और परीक्षा फार्म भरवाने का लिया निर्णय

विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार स्नातक में नामांकन के लिए 138350 छात्रों की चयन सूची एक बार में प्रकाशित की गई है। साथ ही बिहार का पहला विश्वविद्यालय है, जहां नामांकन के साथ-साथ रजिस्ट्रेशन एवं परीक्षा फार्म भरने का निर्णय लिया गया है। इससे भविष्य में होने वाले सभी प्रकार के समस्याओं से विश्वविद्यालय एवं छात्रों को छुटकारा मिलेगा। सुरक्षा के ²ष्टिकोण से पूरे कैंपस और कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

राजस्तरीय बीएड परीक्षाओं का किया गया सफलातपूर्वक आयोजन दो वर्षीय बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2021 और चार वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड प्रवेश परीक्षाओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया है। विश्वविद्यालय अंतर्गत करीब 371 अतिथि शिक्षकों का नवीनीकरण किया गया है। 602 अतिथि शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया आरंभ है।

इनसेट छात्रों ने कहा लॉ कालेज और दूरस्थ शिक्षा निदेशालय में शुरू हो नामांकन विश्वविद्यालय में राजनित कर रहे विभिन्न छात्र संगठनों के छात्र नेताओं ने लॉ कालेजों और विश्वविद्यालय के अधीन दूर्थ शिक्षा निदेशालय में नामांकन प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। पीजी प्रथम सेमेस्टर के छात्र विवेक कुमार कहते हैं, पीजी विभाग के टॉयलेट और रूम की हालत अभी भी खस्ताहाल है। रिपेयरिग के नाम पर केवल दीवारों की पेंटिग कराई गई है। -

Edited By: Jagran