मिथिला के छात्रों को बड़ी सौगात, दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में बनेंगी आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं
कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय में 4 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से आधुनिक सुविधाओं का शिलान्यास किया गया ...और पढ़ें

तारामंडल के निर्माण की आधारशिला रखते कुलपति व कुलसचिव व मौके पर पदाधिकारी। (सौ- पीआरओ)
HighLights
विश्वविद्यालय में 4 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं शुरू।
तारामंडल, वेधशाला, डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
शोधार्थियों और अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए छात्रावास बनेंगे।
जागरण संवाददाता, दरभंगा । कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय अब पारंपरिक शिक्षा के साथ आधुनिक संसाधनों से भी लैस होगा। अगले कुछ महीनों में परिसर में तारामंडल, वेधशाला, डिजिटल लाइब्रेरी, अंतरराष्ट्रीय व शोधार्थी छात्रावास, भाषा प्रयोगशाला और कैंटीन जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। करीब चार करोड़ रुपये से अधिक की इस परियोजना का गुरुवार को शिलान्यास कर विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर के कायाकल्प की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया।
चार करोड़ से अधिक की परियोजना का शिलान्यास
कुलपति प्रो. लक्ष्मी निवास पाण्डेय ने राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यालय के समीप प्रस्तावित भवनों की आधारशिला रखी। इन निर्माण कार्यों पर चार करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। वेधशाला की आधारशिला बाद में रखी जाएगी।
तारामंडल और वेधशाला से मिलेगा नया आयाम
कुलपति ने कहा कि तारामंडल और वेधशाला बनने से खगोलीय तथा मौसम संबंधी अध्ययन को नई दिशा मिलेगी। इसका सबसे अधिक लाभ ज्योतिष विभाग के विद्यार्थियों और शोधार्थियों को मिलेगा। व्यावहारिक अध्ययन और शोध को भी मजबूती मिलेगी।
डिजिटल लाइब्रेरी से वैश्विक संसाधनों तक पहुंच
विश्वविद्यालय में डिजिटल लाइब्रेरी बनने से विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को देश-विदेश के शैक्षणिक संसाधनों तक आसान पहुंच मिलेगी। इससे शोध कार्यों की गुणवत्ता बढ़ेगी और विश्वविद्यालय की वैश्विक स्तर पर पहचान मजबूत होगी।
पहली बार शोधार्थियों के लिए अलग छात्रावास
कुलसचिव डा. दिनेश झा ने बताया कि विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार शोधार्थियों के लिए अलग छात्रावास बनाया जा रहा है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय छात्रावास भी बनाया जाएगा, जिससे बाहर से आने वाले विद्यार्थियों को बेहतर आवासीय सुविधा मिलेगी।
भाषा प्रयोगशाला और कैंटीन भी बनेगी
परियोजना के तहत आधुनिक भाषा प्रयोगशाला और कैंटीन का भी निर्माण होगा। इससे विद्यार्थियों को अध्ययन के साथ-साथ बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
रूसा-2 के फंड से होगा विश्वविद्यालय का कायाकल्प
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी डा. निशिकांत ने बताया कि सभी निर्माण कार्यों के लिए धनराशि राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रूसा-2) से उपलब्ध कराई गई है। इस योजना के माध्यम से विश्वविद्यालय का बुनियादी ढांचा आधुनिक स्वरूप में विकसित किया जाएगा।
भूमि पूजन में शिक्षक व अधिकारी रहे मौजूद
भूमि पूजन और शिलान्यास का वैदिक अनुष्ठान सहायक परीक्षा नियंत्रक डा. ध्रुव मिश्र ने संपन्न कराया। कार्यक्रम में व्याकरण विभाग के पूर्व अध्यक्ष सह कुलसचिव प्रो. सुरेश्वर झा, विश्वविद्यालय के अधिकारी, स्नातकोत्तर विभागों के प्राध्यापक और कर्मचारी उपस्थित रहे।
