विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दरभंगा में पुराने रूट पर हरनगर कुशेश्वरस्थान रेललाइन बनाने की उठी मांग, दिया धरना

Published: Thu, 10 Sep 2026 09:20 PM (IST)

बाबा कुशेश्वरधाम रेल परिचालन संघर्ष समिति ने हरनगर स्टेशन पर धरना दिया। धरनार्थियों ने हरनगर-बिथान वाया कुशेश्वरस्थान रेललाइन का निर्माण पुराने रूट पर कराने की मांग की।

प्रस्तावित रेललाइन का निर्माण पुराने रूट पर ही कराने को लेकर जोरदार नारेबाजी।

प्रस्तावित रेललाइन का निर्माण पुराने रूट पर ही कराने को लेकर जोरदार नारेबाजी।

संवाद सहयोगी, कुशेश्वरस्थान (दरभंगा)। Harnagar Kusheshwarsthan Railway Line: पांच सूत्री मांगों के समर्थन में बाबा कुशेश्वरधाम रेल परिचालन संघर्ष समिति के तत्वावधान में गुरुवार को हरनगर स्टेशन पर एक दिवसीय धरना दिया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मधुकांत झा मिंटू ने की। धरनार्थियों ने सकरी-हसनपुर रेल परियोजना के तहत हरनगर-बिथान के बीच कुशेश्वरस्थान होकर प्रस्तावित रेललाइन का निर्माण पुराने रूट पर ही कराने को लेकर जोरदार नारेबाजी की।

रेलवे को सौंपा ज्ञापन

धरना समाप्ति के बाद प्रतिनिधियों ने अपनी मांगों से संबंधित रेल मंत्री को संबोधित ज्ञापन हरनगर स्टेशन मास्टर को सौंपा। मांगों में सकरी-हसनपुर रेल परियोजना के तहत हरनगर-बिथान वाया कुशेश्वरस्थान रेल लाइन का निर्माण पुराने रूट पर कराने की मांग प्रमुख थी।

इसके अलावा दरभंगा-हरनगर के बीच ट्रेनों का समय पर परिचालन और दिल्ली, मुंबई, कोलकाता के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू करने की मांग उठाई गई।

परियोजना अटकाने का आरोप

वक्ताओं ने हरनगर से कुशेश्वरस्थान तक पुराने रूट पर निर्माण कार्य आगे न बढ़ाए जाने पर गहरा आक्रोश प्रकट किया। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे की इस नीति से पूरी परियोजना बेवजह लटकती जा रही है।

पक्षी विहार के नाम पर पुराने रूट पर कार्य रोका गया था, जबकि हकीकत में अब उस इलाके में प्रवासी पक्षियों की आमद बिल्कुल बंद हो चुकी है।

अतिरिक्त खर्च की दलील

समिति ने बताया कि पुराने रूट पर रेललाइन निर्माण का करीब 80 प्रतिशत कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है। इसके बावजूद अब नए रूट से रेललाइन बिछाने की तैयारी चल रही है।

नए सिरे से भूमि अधिग्रहण और पुल-पुलिया निर्माण करने से रेलवे को करोड़ों रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ेंगे और समय भी काफी बर्बाद होगा।

चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी

वक्ताओं ने रेल मंत्री से मांग की कि कम समय और कम लागत में बनने वाले पुराने रूट पर ही कार्य जल्द पूरा किया जाए। समिति ने साफ चेतावनी दी कि यदि मांगों पर त्वरित व सकारात्मक फैसला नहीं हुआ तो वे चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे।

धरने को विभिन्न दलों के प्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से संबोधित किया।